एसिडिटी की अहम वजह गलत खानपान या बिगड़ा हुआ डाइजेशन हो सकता है. पर ये भी सवाल रहता है कि क्या एसिडिटी और एंग्जायटी का भी कनेक्शन हो सकता है? घबराहट या बैचेनी को एंग्जायटी कहा जा सकता है लेकिन इससे एसिडिटी का कनेक्शन होना थोड़ा अजीब लगता है. इसको लेकर टीवी9 ने डॉक्टर अक्षय रावत से खास बातचीत की.

डॉक्टर का कहना है कि हां, एंग्जायटी की वजह से एसिड रिफ्लक्स के लक्षण बढ़ सकते हैं, लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना बहुत जरूरी है. चलिए आपको बताते हैं कि एक्सपर्ट ने इसको लेकर क्या कहा?

एंग्जायटी और एसिडिटी का कनेक्शन

एंग्जायटी होने का मतलब यह नहीं है कि आपका पेट ज्यादा एसिड बनाने लगता है. बल्कि, तनाव आपके डाइजेशन के सामान्य तरीके को प्रभावित कर सकता है और पेट और खाने की नली में होने वाली परेशानी को आप ज्यादा महसूस कर सकते हैं.

इसे आसान भाषा में समझिए. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जब आप एंजाइटी में होते हैं, तो शरीर तनाव की स्थिति में चला जाता है. इससे डाइजेशन और पेट में खाना आगे बढ़ने की सामान्य प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. साथ ही, दिमाग पेट से मिलने वाले संकेतों को ज्यादा महसूस करने लगता है. इसलिए कभीकभी रिफ्लक्स की थोड़ी मात्रा भी आपको ज्यादा जलन या परेशानी दे सकती है.

क्यों होती है एसिड रिफ्लक्स की प्रॉब्लम

डॉक्टर कहते हैं कि एसिड रिफ्लक्स तब होता है जब पेट का खाना या एसिड वापस खाने की नली में ऊपर आ जाता है. इससे सीने में जलन, मुंह में खट्टा स्वाद, डकार या बेचैनी हो सकती है. हालांकि, हर बार एसिडिटी की वजह एंग्जायटी नहीं होती.

बहुत ज्यादा खाना, देर रात खाना, मसालेदार या बहुत तला हुआ खाना, स्मोकिंग, ज्यादा वजन और कुछ दवाएं भी रिफ्लक्स बढ़ा सकती हैं. इसके अलावा, एसिडिटी खुद भी आपको परेशान कर सकती है और उससे एंग्जायटी बढ़ सकती है. इस तरह दोनों एक दूसरे को बढ़ा सकते हैं.

कब डॉक्टर को दिखना है सबसे जरूरी?

अगर बार बार एसिडिटी हो रही है, निगलने में दिक्कत है, लगातार उल्टी हो रही है, उल्टी में खून आता है, मल काला हो रहा है या बिना वजह वजन कम हो रहा है, तो डॉक्टर से जांच करवाएं. और अगर सीने में तेज दर्द के साथ सांस फूलना, पसीना आना या दर्द हाथ या जबड़े तक जाना हो, तो तुरंत इमरजेंसी मदद लें.