Ram Mandir Donation Controversy Scam: यूपी के अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद आज पुलिस सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी। ऐसा माना जा रहा है कि इसमें 14 दिनों की रिमांड मांग सकती है।

आपको बता दें गुरुवार शाम ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर इस मामले में पहली FIR दर्ज कराई गई थी। इसमें टिन्नू, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा को नामजद किया। इनमें से ज्यादातर लोग चढ़ावा की गिनती और दान प्रबंधन से जुड़े रहे हैं।

चंपत राय ने ट्रस्ट के महासचिव पद से दिया इस्तीफा

 

अयोध्या श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी में बड़ा अपडेट सामने आया है। सूत्रों के अनुसार चंपत राय ने ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि इसे लेकर अभी किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। 

 

योगी का केजरीवाल पर तंज दिल्ली से एक सज्जन अयोध्या आए हैं आज

केजरीवाल के अयोध्या राम मंदिर पहुंचने और उनके बयान को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा दिल्ली से भी एक सज्जन अयोध्या आए हैं आज। मैं उनसे भी कहना चाहूंगा कि दिल्ली की जनता ने उन्हें कई वर्षों तक अवसर दिया, लेकिन उन्होंने दिल्ली को भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया। अगर यही न्याय जो अयोध्या के साथ डबल इंजन की भाजपा सरकार ने किया है, आम आदमी पार्टी दिल्ली के साथ करती तो दिल्ली भी ऐसे ही चमकती जैसे अयोध्या धाम चमक रहा है।

अयोध्या में केजरीवाल बोले— FIR एक छलावा है 

26 जून को दिल्ली के पूर्व सीएम अ​रविंद केजरीवाल अयोध्या श्रीराम मंदिर के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने मीडिया से कहा कि मंदिर में सभी की सुख समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए कामना की। श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में हुई एफआईआर को लेकर वे बोले कि ये एक छलावा है। ये तो छोटी छोटी मछलियां हैं। इसके तार बड़े लोगों तक जुड़े हैं। इतने दिनों से जो घोटाला चल रहा था वह छोटे कर्मचारी नहीं कर रहे थे। छोटे लोगों के सर पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है। 

FIR में ये नहीं शामिल 

बताया जा रहा है कि FIR में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा के साथ साथ और बड़े पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। गौरतलब है चोरी का ये मामला पहली बार 7 जून को सामने आया। इसके 6 दिन बाद यानी 13 जून को  यूपी सरकार ने SIT बनाई। 23 जून को SIT ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी गई। आपको बता दें संजय प्रसाद ट्रस्ट के पदेन सदस्य भी हैं।

 

श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर FIR दर्ज  

चोरी और धोखाधड़ी के आरोप में यह एफआईआर श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई है। 

कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार धारा 306, 316 , 317 , 317 , 61 और 3 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मामला कथित गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ा बताया जा रहा है।  

इन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज 

  • रामशंकर यादव
  • लवकुश मिश्रा
  • अनुकल्प मिश्रा
  • अविनाश शुक्ला
  • मनीष यादव
  • रमाशंकर मिश्रा
  • सुभाष चंद्र श्रीवास्तव
  • करुणेश पांडेय

 

अयोध्या श्रीराम मंदिर दान चोरी विवाद टाइम लाइन 

जून की शुरुआत में खुलासा:

श्रीराम मंदिर ट्रस्ट जब अपना रूटीन ऑडिट कर रहा था, तब दानपात्र से नकदी और दूसरी चीजें गायब होने का शक हुआ। 

सीसीटीवी से खुला राज: 

मंदिर परिसर और दानपात्र के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब देखी गई, तो वहां काम करने वाले एक कर्मचारी की हरकतें संदिग्ध लगीं। ट्रस्ट ने अंदरूनी तौर पर मामले की जांच शुरू की और शुरुआत में इसे सीक्रेट रखा गया। 

7 जून 

7 जून को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस मामले को हवा देते हुए योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उनकी ‘डबल इंजन’ सरकार, ड्रोन और दूरबीन सही से काम कर रहे होते, तो विपक्ष को सवाल उठाने का मौका ही नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि आस्था के पैसे में चोरी गंभीर चिंता का विषय है। 

इसके बाद आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी इस पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर दान की चोरी बेहद गंभीर है। इसकी पूरी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। 

10 जून:

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कानपुर दौरे के दौरान चंदा चोरी की बातें सामने आने की बातों को स्वीकारा। उन्होंने साफ किया कि सरकार इसकी जांच करवा रही है और जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। 

13 जून :

13 जून को मामले को बढ़ता देख सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 3 सदस्यों की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन हुआ। 

14 जून : 

मंदिर के दान पेटी से निकले कैश की गिनती से जुड़े एक कर्मचारी के घर पर गोबर में दबे 10 लाख रुपए कैश मिले। इसके बाद मामला और भी ज्यादा गंभीर हो गया है।

1718 जून :

इस पूरे मामले में पहला और सबसे बड़ा नाम रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का सामने आया। टिन्नू पहले राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर थे और अब उनके सहयोगी बताए जाते हैं। आरोप है कि बीते कुछ सालों में उन्होंने अयोध्या और लखनऊ में करीब 50 करोड़ रुपये की चलअचल संपत्ति खड़ी कर ली है। राम मंदिर से महज डेढ़ किलोमीटर दूर उनका पुश्तैनी घर है, जहां जांच एजेंसी द्वारा सोना बरामद करने की भी खबर आई। 

22 जून :

अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावा विवाद मामले में जनहित याचिका दाखिल की गई। जिसमें सीबीआई या स्वतंत्र एजेंसी से जांच और कैग ऑडिट की मांग की गई है। 

23 जून: 

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद में जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने मंगलवार सुबह अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंप दी। 

24 जून: 

अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय से भेजी गई। 

25 जून:

दान चोरी और धोखाधड़ी के आरोप में यह एफआईआर श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई है। 

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