Single Mutual Fund Investment: आजकल हर किसी को अपने भविष्य की चिंता रहती हैं और हर कोई करोड़पति बनने का सपना देखता हैं। ऐसे में लोग अपने पैसे को ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं, जिससे फ्यूचर या रिटायरमेंट के बाद बेहतर रिटर्न मिल सकें। लेकिन कई बार लोग फ्यूचर के चक्कर में शानदार रिटर्न देने वाले फंड को चुनकर उसमें अपनी पूरी कमाई या कमाई का बड़ा हिस्सा लगा देते हैं। लेकिन कई बार इससे नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

इसलिए एक ही म्यूचुअल फंड या एक ही जैसी स्कीम में सारा पैसा लगाना आपके पूरे निवेश को गंभीर जोखिम में डाल सकता है। आइए जानते हैं कि म्यूचुअल फंड में ज्यादा पैसा क्यों नहीं लगा सकते हैं।

ज्यादा पैसा क्यों नहीं करना चाहिए निवेश?

सेक्टर या मार्केट का जोखिम

यदि आप सारा पैसा किसी एक फंड में लगा देते हैं, तो वह फंड जिन चुनिंदा सेक्टरों या शेयरों में निवेश करता है, अगर वे खराब प्रदर्शन करते हैं, तो आपके पूरे निवेश की वैल्यू गिर जाएगी।

बता दें कि, बाजार और अलगअलग सेक्टरों की चाल एक जैसी नहीं होती है।

फंड मैनेजर की रणनीति पर निर्भरता

हर म्यूचुअल फंड को चलाने के लिए एक फंड मैनेजर होता है। यदि फंड मैनेजर के फैसले या उसकी निवेश रणनीति सही साबित नहीं होती है, तो उस फंड का रिटर्न प्रभावित होगा। सारा पैसा एक ही जगह होने से आपकी कमाई उस एक व्यक्ति या टीम के निर्णयों पर पूरी तरह निर्भर हो जाती है।

डायवर्सिफिकेशन का नुकसान

निवेश का मूल नियम है कि अंडे एक ही टोकरी में न रखें। अगर आप अलगअलग एसेट क्लास जैसे लार्ज कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप, डेट फंड या गोल्ड फंड में पैसा बांटते हैं, तो एक जगह नुकसान होने पर दूसरी जगह से उसकी भरपाई होने की संभावना रहती है। एक ही फंड में यह सुरक्षा नहीं मिलती है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं।

ओवरलैपिंग और रिटर्न पर असर

कई बार निवेशक गलती से अलगअलग नामों से कई फंड ले लेते हैं, लेकिन वे सभी एक ही तरह के शेयरों में पैसा लगा रहे होते हैं।

इससे कोई खास अतिरिक्त फायदा नहीं मिलता, बल्कि फंड मैनेज करने की लागत बढ़ जाती है और कुल रिटर्न कम हो सकता है।