महिला प्रीमियर लीग WPL 2027 के ऑक्शन में कई युवा खिलाड़ियों की किस्मत चमक गई। किसी को महज 15 साल की उम्र में बड़ी लीग का टिकट मिल गया, तो किसी ने 16 साल की उम्र में फ्रेंचाइजी का भरोसा जीत लिया। इस नीलामी में उमा काश्वी और समायरा राघव जैसी युवा खिलाड़ियों ने सबका ध्यान खींचा। वहीं, जी कमालिनी को लेकर भी चर्चा तेज है, जो अंडर19 विश्व कप के बजाय WPL में खेलती नजर आएंगी। युवा प्रतिभाओं पर टीमों के इस भरोसे ने महिला क्रिकेट के भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जगा दी हैं।

15 साल की उमा काश्वी ने रचा इतिहास
कर्नाटक की उमा काश्वी ने WPL 2027 के ऑक्शन में इतिहास रच दिया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। महज 15 साल और 202 दिन की उम्र में वह इस लीग की नीलामी में खरीदी जाने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गईं। दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 10 लाख रुपये में अपनी टीम का हिस्सा बनाया।
उमा दाएं हाथ से बल्लेबाजी करने के साथ ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी करती हैं। कम उम्र में इस बड़े मंच तक पहुंचना उनके लिए अहम उपलब्धि है। दिल्ली कैपिटल्स को उनसे भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। घरेलू क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखाने वाली उमा के लिए अब बड़े खिलाड़ियों के साथ खेलने और अनुभव हासिल करने का मौका होगा।
16 साल की समायरा राघव को गुजरात जायंट्स ने खरीदा
दिल्ली की युवा ऑलराउंडर समायरा राघव भी WPL नीलामी में अपनी जगह बनाने में सफल रहीं। गुजरात जायंट्स ने 16 साल की समायरा को उनके बेस प्राइस 10 लाख रुपये में खरीदा। वह आक्रामक बल्लेबाजी के साथ लेग स्पिन गेंदबाजी करने की क्षमता रखती हैं।
समायरा ने घरेलू और आयु वर्ग के क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से पहचान बनाई है। गुजरात जायंट्स को उम्मीद होगी कि वह मिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बनाने के साथ गेंदबाजी में भी उपयोगी योगदान देंगी।
जी कमालिनी ने WPL के लिए चुना बड़ा मौका
तमिलनाडु की विकेटकीपर बल्लेबाज जी कमालिनी भी इस WPL ऑक्शन की चर्चित खिलाड़ियों में शामिल रहीं। गुजरात जायंट्स ने उन्हें 40 लाख रुपये में खरीदा। वह भारत की अंडर19 महिला टी20 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रह चुकी हैं।
कमालिनी के WPL 2027 में उपलब्ध रहने की पुष्टि पहले ही हो चुकी थी। वह आगामी अंडर19 विश्व कप में खेलने के बजाय इस लीग में हिस्सा लेंगी। उनके लिए यह फैसला सीनियर स्तर के क्रिकेट में अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर है। अब सबकी नजर इन युवा खिलाड़ियों पर होगी कि वे डब्ल्यूपीएल जैसे बड़े मंच पर अपने प्रदर्शन से कितना प्रभाव छोड़ पाती हैं।



