RBI Governor Sanjay AI Valuation: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 3 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2026 के दौरान उन्होंने बताया कि, ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों के वैल्यूशन में कमी आती है तो वैश्विक निवेश चक्र में धीमेपन के बाद भी भारत की पूंजी प्रवाह में बढ़ोतरी होने के आसार हैं।

AI वैल्यूएशन में कमी से India को होगा फायदा?

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि ‘ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेश या कमाई में किसी भी तरह की कमी से इस सेक्टर से जुड़ी वित्तीय संपत्तियों की कीमतों में बड़ा बदलाव आ सकता है। इस तरह की गिरावट वैश्विक बाजारों के लिए जोखिम है, इसका भारत पर पॉजिटिव असर पड़ सकता है।’

उन्होंने आगे कहा कि 

‘अगर विकसित देशों में AI से जुड़ी वैल्यूएशन में करेक्शन होता है… तो कैपिटल फ्लो के लिहाज से इसका पॉजिटिव असर हो सकता है।’ 

 

फाइनेंशियल संकट आने के दिए संकेत

गवर्नर संजय ने फाइनेंशियल संकट आने की चेतावनी देते हुए कहा कि ‘हाल के महीनों में भारतीय इक्विटी मार्केट में भी ऊंचे वैल्यूएशन से सुधार हुआ है, लेकिन उन्होंने इसे प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उनके अनुसार, अन्य जोखिमों में ग्लोबल स्तर पर बढ़ा हुआ कर्ज, नॉनबैंक फाइनेंशियल सेक्टर में लीवरेज , प्राइवेट क्रेडिट एक्सपोजर का बढ़ना और साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरे शामिल हैं।’

गवर्नर ने स्पष्ट किया कि  ‘इन कमजोरियों का मतलब तुरंत कोई फाइनेंशियल संकट आने से नहीं है। लेकिन जोखिमों को लेकर सतर्क रहना जरुरी है।’

भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत

संजय मल्होत्रा के अनुसार, भारत मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके पीछे दोश के  मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल और बैंकों तथा नॉनबैंक वित्तीय संस्थानों की मजबूत बैलेंस शीट की अहम हिस्सेदारी है।

उन्होंने कहा कि ‘मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल और फाइनेंशियल सिस्टम की मजबूती भारत को वैश्विक झटकों का सामना करने में मदद करती है।’