तेलंगाना के बोलाराम इलाके में विला ऑर्किड्स नाम की गेटेड सोसाइटी में 5 साल की बच्ची का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई. हत्या का आरोप सोसाइटी से नौकरी से निकाले गए एक सुरक्षा गार्ड पर है. आरोपी ने बच्ची की हत्या करने के बाद भी पूरी रात उसके परिवार से फिरौती मांगी. उसने परिवार को बच्ची की मौत की जानकारी नहीं होने दी. हारकर परिवार ने मामले की जानकारी पुलिस को दी. पुलिस जांच के दौरान बच्ची का शव सोसाइटी के क्लब हाउस के बेसमेंट में बने पानी के टैंक में मिला. आरोपी ने बच्ची के हाथपैर बांध दिए थे और कमर पर भी ईंटें बांधी थीं, ताकि वो पानी में ऊपर न आ सके. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

बच्ची के पिता मिल्टन फर्नांडिस कृषि क्षेत्र से जुड़ी कंपनी में रिसर्च साइंटिस्ट हैं. बेटी की हत्या से टूट चुके परिवार ने आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की है. बच्ची की मां ने गुस्से में कहा, ‘मैं चाहती हूं कि आरोपी मर जाए.’ पुलिस के मुताबिक, विक्रम को कुछ दिन पहले खराब व्यवहार की शिकायतों के कारण सोसाइटी की नौकरी से हटा दिया गया था.

कैसे किडनैप हुई बच्ची?

बोलाराम पुलिस के मुताबिक, बच्ची का नाम ऑरेलिया था. वह सोसाइटी में आयोजित बथुकम्मा उत्सव देखने क्लब हाउस गई थी. वहां कई इवेंट्स हो रहे थे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। शाम करीब 7:45 बजे बच्ची के दादा के पास एक अनजान नंबर से फोन आया. फोन करने वाले ने दावा किया कि उनका बेटा उसके कब्जे में है.

आरोपी ने कहा, ‘आपका बेटा मेरे पास है. मुझे 20 लाख रुपये चाहिए. मैं सिकंदराबाद में हूं, आकर ले लो.’ इतना कहने के बाद उसने फोन काट दिया. हालांकि, जब परिवार को पता चला कि उनका बेटा साइकिल चला रहा है, तो दादा को फोन करने वाले पर शक हुआ और फिर उन्होंने दोबारा आरोपी से बात की.

इसके बाद आरोपी ने बच्ची के पिता मिल्टन फर्नांडिस मोसेस को फोन किया और कहा कि उनकी बेटी उसके कब्जे में है. जब बच्ची बथुकम्मा उत्सव से घर नहीं लौटी, तो परिवार के लोग उसे तलाशते हुए क्लब हाउस पहुंचे. वहां उन्हें बच्ची नहीं मिली. बच्ची की मां ने बताया कि शाम करीब 7:30 बजे तक जब बेटी घर नहीं लौटी, तो परिवार घबरा गया. आरोपी ने उत्सव में से ही बच्ची को उठा लिया था.

आरोपी ने नहीं दिखाया बच्ची का चेहरा

परिवार ने आरोपी से कहा कि वे इतनी बड़ी रकम नहीं दे सकते और फिरौती की रकम कम करने की गुजारिश की. आरोपी ने उन्हें एक बैंक खाते में पैसे भेजने के लिए कहा. परिवार पैसे देने के लिए तैयार था, लेकिन उन्होंने आरोपी से वीडियो कॉल पर बच्ची को दिखाने की मांग की, ताकि उन्हें उसकी सुरक्षा का भरोसा हो सके. हालांकि, आरोपी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया.

कुछ देर बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी का फोन बंद हो चुका था. इस बीच, सोसाइटी के लोगों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की. फुटेज में बच्ची क्लब हाउस से बाहर जाती दिखाई दी. कुछ दूरी पर एक व्यक्ति उसके पीछे जाता हुआ नजर आया.

जब पुलिस और सोसाइटी के लोगों ने उस नंबर की जांच की, जिससे परिवार को फोन आया था, तो पता चला कि वह सोसाइटी में तैनात एक सुरक्षा गार्ड का है. पूछताछ में गार्ड ने बताया कि कुछ दिन पहले नौकरी से निकाला जाने वाला गार्ड विक्रम सोसाइटी में आया था. गार्ड के मुताबिक, विक्रम ने फिरौती मांगने के लिए उसके फोन का इस्तेमाल किया था. सीसीटीवी फुटेज में विक्रम सोसाइटी से जल्दबाजी में निकलते समय उस गार्ड को कुछ इशारा करता हुआ भी दिखाई दिया.

शनिवार देर रात ड्यूटी पर तैनात गार्ड से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस और सोसाइटी के लोगों ने क्लब हाउस के बेसमेंट की तलाशी ली. वहां पानी के टैंक में बच्ची का शव मिला. उसके हाथपैर बंधे हुए थे और कमर पर दो ईंटें बांधी गई थीं. इस घटना से पूरी सोसाइटी में दहशत फैल गई.

पुलिस ने पूछताछ के लिए सोसाइटी में काम कर रहे सभी सुरक्षा गार्डों को हिरासत में लिया है. वहीं, आरोपी विक्रम की तलाश में पुलिस ने सिकंदराबाद और शहर के दूसरे इलाकों में ड्रोन की मदद ली. आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष पुलिस टीमों को पाटनचेरु और आसपास के इलाकों में भी भेजा गया. इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.