Wednesday, January 14, 2026
Health

FSSAI Tea Rule: अब ‘Green Tea’ को चाय कहना कानूनन होगा गलत, नए नियम ने मचा दी हलचल!..

FSSAI Tea Rule: अब ‘Green Tea’ को चाय कहना कानूनन होगा गलत, नए नियम ने मचा दी हलचल!..

नई दिल्ली: FSSAI ने ग्रीनटी को लेकर नई परिभाषा दी है। नए नियमों के मुताबिक अब हर उस पेय पदार्थ को चाय कहना गलत और गैरकानूनी माना जाएगा, जो असली चाय के पौधे से नहीं बना है। आइए जानते हैं कि क्या है FASSI द्वारा दी गई नई परिभाषा

क्या है असली चाय की परिभाषा?
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि केवल वही उत्पाद ‘चाय’ कहलाने के हकदार हैं, जो Camellia sinensis (कैमेलिया साइनेंसिस) नामक पौधे की पत्तियों या कलियों से तैयार किए गए हों। इसमें ग्रीन टी, कांगड़ा टी और इंस्टेंट टी शामिल हैं, क्योंकि ये इसी पौधे से बनती हैं। इनके अलावा जड़ी-बूटियों, फूलों या अन्य पौधों से तैयार किए गए किसी भी पेय को ‘चाय’ के नाम से बेचना अब ‘मिसब्रांडिंग’ (गलत लेबलिंग) माना जाएगा।

हर्बल और फ्लावर टी का क्या होगा?
बाजार में बिकने वाली हर्बल टी, रूइबोस टी, डिटॉक्स टी और फ्लावर टी वास्तव में ‘चाय’ नहीं बल्कि ‘इन्फ्यूजन’ (Infusion) हैं। FSSAI ने निर्माताओं और ई-कॉमर्स कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे इन उत्पादों के पैकेट पर से ‘Tea/चाय’ शब्द तुरंत हटाएं। अब इन पेयों को ‘प्रोप्राइटरी फूड’ या उनके वास्तविक अवयवों के नाम से बेचना होगा।

भ्रामक विज्ञापनों पर गिरेगी गाज
प्राधिकरण ने साफ किया है कि उपभोक्ताओं को भ्रम में रखना कानूनन अपराध है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माताओं और विक्रेताओं पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। राज्य के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को ई-कॉमर्स साइट्स और रिटेल स्टोर्स पर कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं।

me.sumitji@gmail.com

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