Adani Power BHEL Deal:शेयर बाजार में जब किसी कंपनी को बड़ा काम मिलता है, तो उसका सीधा असर उसके शेयरों पर दिखता है. बुधवार, 4 नवंबर को सरकारी कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड यानी भेल के साथ भी बिल्कुल ऐसा ही हुआ. बाजार खुलते ही भेल के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी शुरू हो गई. देखते ही देखते ये शेयर रॉकेट की तरह भागने लगा. कारोबार के दौरान एक समय इस सरकारी कंपनी का शेयर 6 फीसदी तक उछल गया था.

दोपहर 2:50 बजे के करीब भेल का शेयर 6.18 फीसदी की बढ़त के साथ 424.20 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था. बाजार में अचानक आई इस तेजी के पीछे अडानी पावर से मिला एक बहुत बड़ा कॉन्ट्रैक्ट है. भेल ने बुधवार को ही स्टॉक एक्सचेंज को इस नए सौदे की जानकारी दी. कंपनी को अडानी पावर से 20,000 करोड़ से लेकर 28,000 करोड़ रुपये तक के ऑर्डर मिले हैं.
चार बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए क्या काम करेगी भेल
अडानी पावर के साथ हुई इस डील में भेल को चार अलगअलग प्रोजेक्ट्स के लिए काम करना है. इनमें से हर एक प्रोजेक्ट की क्षमता 2×800 मेगावाट होगी. इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत सरकारी कंपनी को बॉयलर, टर्बाइन, जनरेटर समेत इनसे जुड़े दूसरे सहायक उपकरणों की सप्लाई करनी होगी. सिर्फ मशीनरी देने तक ही ये काम सीमित नहीं है, बल्कि भेल को इन प्रोजेक्ट्स के लिए तय सेवाएं भी मुहैया करानी होंगी. इतनी बड़ी डील हाथ लगने से निवेशकों का भरोसा कंपनी पर अचानक बढ़ गया है.
ढाई लाख करोड़ के पार पहुंची कंपनी की ऑर्डर बुक
नए सौदों के मामले में भेल की स्थिति काफी मजबूत दिख रही है. 30 सितंबर, 2026 तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 2,57,571 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी थी. चालू वित्त वर्ष 202627 की पहली छमाही पर नजर डालें, तो कंपनी ने करीब 30,000 करोड़ रुपये के नए काम हासिल किए हैं. हालांकि, तिमाही आधार पर नए ऑर्डर मिलने की रफ्तार में थोड़ा उतारचढ़ाव जरूर रहा है.
इस वित्त वर्ष की पहली यानी जून तिमाही में कंपनी को 26,700 करोड़ रुपये के तगड़े ऑर्डर मिले थे. लेकिन दूसरी यानी सितंबर तिमाही में ये आंकड़ा घटकर करीब 4,000 करोड़ रुपये रह गया. अगर पिछले वित्त वर्ष के आंकड़ों से इसकी तुलना करें, तो पहली तिमाही में कंपनी को 10,500 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले थे. वहीं दूसरी तिमाही में 21,900 करोड़ रुपये का काम मिला था, जबकि मार्च तिमाही में ये आंकड़ा 30,000 करोड़ रुपये रहा था.
सितंबर तिमाही में कमाई के मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन
भले ही सितंबर तिमाही में नए ऑर्डर कम आए हों, लेकिन कमाई के मामले में भेल ने बाजी मार ली है. दूसरी तिमाही में कंपनी के कामकाज से होने वाले रेवेन्यू के साथसाथ ऑपरेटिंग मुनाफे में भी जोरदार उछाल आया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सालाना आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 23.81 फीसदी बढ़कर 9,300 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 7,511.8 करोड़ रुपये रहा था.
कामकाजी मुनाफे यानी EBITDA के मोर्चे पर तो कंपनी ने कमाल ही कर दिया. सितंबर तिमाही में भेल का EBITDA 76.4 फीसदी की भारी छलांग के साथ 1,025.8 करोड़ रुपये हो गया. ठीक एक साल पहले की समान तिमाही में ये आंकड़ा सिर्फ 581.46 करोड़ रुपये था. इन मजबूत तिमाही नतीजों ने बाजार में कंपनी की साख को काफी मजबूत किया है.
निवेशकों की चांदी, ब्रोकरेज फर्म ने भी बढ़ाया अनुमान
भेल के शेयर ने अपने निवेशकों को निराश नहीं किया है. बीते एक साल के दौरान ये सरकारी शेयर 58 फीसदी तक चढ़ चुका है. वहीं, सिर्फ इस साल की बात करें तो इसमें 45 फीसदी से ज्यादा की तेजी आ चुकी है. कंपनी के सितंबर तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजों को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म IIFL इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने भी अपना भरोसा जताया है.



