Badaun Police Pathrav: उत्तर प्रदेश के बदायूं में सरकारी जमीन पर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापना को लेकर बवाल हो गया। भीड़ ने पुलिस का विरोध किया और पथराव शुरू कर दिया। कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए और कई गाड़ियां डैमेज हुईं। पुलिस ने कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया।

सरकारी जमीन पर बिना अनुमति मूर्ति स्थापना

फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के सीकरी गांव में सरकारी जमीन पर बिना अनुमति के डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित की जा रही थी। ईंटों से दोबारा चबूतरा बनाया जा रहा था। पुलिस रोकने पहुंची तो ग्रामीणों ने विरोध किया। बहस थमी नहीं और भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।

पुलिस ने नकारी मूर्ति तोड़ने की बात

राजा की सीकरी गांव में सरकारी जमीन पर मूर्ति लगाने को लेकर कुछ लोगों और पुलिस के बीच विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि सोमवार रात कुछ लोगों ने जमीन पर मूर्ति लगाने की कोशिश की थी। मंगलवार सुबह उन्होंने आरोप लगाया कि मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। इसके बाद विवाद बढ़ गया और मौके पर भीड़ जुट गई। भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसमें सीओ समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए। एक हेड कॉन्स्टेबल के सिर में गंभीर चोट लगी। पथराव के दौरान पुलिस की कई गाड़ियों और एक एंबुलेंस में भी तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की बात को नकारा है।

SDM और CO के सामने पत्थर फेंके

सूचना मिलते ही एसडीएम प्रियंका और बिसौली के सीओ अंशुमन श्रीवास्तव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने दिनभर लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ प्रतिमा को उसी जगह लगाने की मांग पर अड़ी रही। शाम होतेहोते अचानक माहौल बिगड़ गया और भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसमें सीओ अंशुमन श्रीवास्तव समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति संभालने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद भी लोग लगातार पत्थर बरसाते रहे।

हिरासत में 7 आरोपी

पथराव की खबर मिलते ही एसपी देहात डॉ. ह्रदेश कठेरिया और एडीएम अरुण कुमार मौके पर पहुंचे। उनके साथ फैजगंज बेहटा, बिसौली, बिल्सी, वजीरगंज और इस्लामनगर समेत 10 थानों की पुलिस फोर्स और PAC के जवान भी पहुंचे। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कुछ देर बाद SSP अंकिता शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंच गईं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 लोगों को हिरासत में लिया है। गांव में पथराव और हिंसा करने वालों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पहचान के बाद आरोपियों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिश थी

SSP अंकिता शर्मा ने बताया कि गांव के कुछ लोग करीब 12 घंटे से वहां डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने की मांग पर अड़े हुए थे। प्रशासन का आरोप है कि वे ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने पूरे दिन लोगों को समझाने की कोशिश की। एक व्यक्ति प्रतिमा लगाने के लिए अपनी जमीन दान करने को तैयार था, लेकिन कुछ लोग अपनी बात पर अड़े रहे। शाम को उन्होंने पुलिस पर हमला कर दिया। पथराव में कुछ पुलिसकर्मी और कर्मचारी घायल हुए हैं। पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। इसके बाद भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की बात कही है।