Mussoorie Crime News: उत्तराखंड के मसूरी में 14 जून की रात को संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाली विजियानगरम की टेक महिंद्रा कर्मचारी राधा गायत्री की मौत का रहस्य गहराता जा रहा है. इस संवेदनशील मामले में देहरादून के डिप्टी कलेक्टर के निर्देश पर मजिस्ट्रेट जांच को काफी तेज कर दिया गया है. मृतका के मातापिता द्वारा गुपचुप तरीके से पोस्टमार्टम किए जाने के गंभीर आरोपों के बाद, मसूरी के संभागीय मजिस्ट्रेट राहुल आनंद ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. इस बीच, आरोपी पति श्रीचरण जेल की सलाखों के पीछे दिन काट रहा है.

इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और अस्पताल प्रशासन पर पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं. राधा गायत्री के मातापिता का आरोप है कि उनकी बेटी का पोस्टमार्टम उनकी जानकारी के बिना, बेहद गुपचुप तरीके से कराया गया. इस धांधली की शिकायत लेकर जब वे देहरादून कलेक्टर से मिले, तो मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी किए गए.

मजिस्ट्रेट राहुल आनंद मुख्य रूप से इस बात की जांच कर रहे हैं कि 14 से 16 जून के बीच वास्तव में क्या हुआ था और क्या पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सही तरीके से हुई थी या नहीं.

हत्या से दहेज उत्पीड़न में बदली धाराएं

शुरुआत में पुलिस ने इस मामले को हत्या के रूप में देखा था, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट के बाद कानूनी धाराओं में बड़ा बदलाव हुआ है. मातापिता की शिकायत और डीजीपी से मुलाकात के बाद पुलिस ने आरोपी पति श्रीचरण के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत हत्या का पहला मामला दर्ज किया था. इसके बाद श्रीचरण ने भागने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे धर दबोचा.

जब राधा गायत्री की पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आई, तो उसमें सीधे तौर पर हत्या से जुड़े पुख्ता सबूत नहीं मिले. इसके चलते पुलिस ने हत्या की धारा को बदलकर दहेज उत्पीड़न की धारा 80 के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी पति को जेल भेज दिया.

जन्मदिन के बहाने ले जाकर घोंटा गला

राधा गायत्री के पिता इस प्रशासनिक और पुलिसिया जांच से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं. उनका स्पष्ट आरोप है कि उनकी बेटी की मौत एक सुनियोजित हत्या है. पिता ने आरोप लगाया कि श्रीचरण उनकी बेटी को उसके जन्मदिन का बहाना बनाकर मसूरी ले गया था और वहां सोचीसमझी साजिश के तहत गला घोंटकर उसकी जान ले ली. वहीं, मृतका की मां का रोरोकर बुरा हाल है और वे अपनी इकलौती बेटी के लिए सिर्फ इंसाफ की गुहार लगा रही हैं.

17 जुलाई की तारीख है बेहद अहम

जांच टीम ने अब इस मामले के सभी पक्षों को आमनेसामने बुलाने का फैसला किया है. मजिस्ट्रेट जांच के तहत आरोपी श्रीचरण के मातापिता को भी इस महीने की 17 तारीख को जांच में शामिल होने के लिए कड़ा नोटिस जारी किया गया है. पीड़ित पक्ष को उम्मीद है कि 17 जुलाई की इस पूछताछ में गुपचुप पोस्टमार्टम और मौत की असली सच्चाई से पर्दा उठ जाएगा.