Why Gen Z Dating Is Healthier: सालों तक डेटिंग को एक ब्युटीफुल जर्नी के तौर पर देखा गया है, जिसमें एक सीधी और साफ मंजिल तक पहुंचने की चाह होती है, अब नई जेनेरेशन यानी हमारे जेन जी के लिए इसके नियम बदल रहे हैं।

नई पीढ़ी का मानना है कि थोड़ी बातचीत और अस्थायी कनेक्शन भी रिश्तों के लिए काफी हो सकते हैं। इससे रिलेशनशिप की वजह से मानसिक स्वास्थय पर पड़ने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
डेटिंग ऐप QuackQuack द्वारा 22 से 27 साल के 10,000 से ज्यादा एक्टिव यूज़र्स के बीच किए गए एक नए सर्वे से पता चलता है कि 53% प्रतिभागी अब अनसक्सेसफुल मैच को समय की बर्बादी नहीं मानते। इसके बजाय, उनका मानना है कि चाहे बातचीत सिर्फ चैट तक ही क्यों न सीमित रह जाए, फिर भी ये आपकी लाइफ में एक अच्छा अनुभव दे जाती हैं।
GenZ और मिलेनियल में अंतर
सर्वे के नतीजों से पता चलता है कि Gen Z अब इस सोच से दूर हो रहा है कि हर बातचीत का मतलब खास रिश्ता या लंबे समय का कमिटमेंट ही होना चाहिए। इसके बजाय, वे रिश्तों को बिना किसी दबाव के अपने आप आगे बढ़ने देते हैं।
इसके विपरीत पिछली पीढ़ियों का मानना था कि हर मैच में लगाए गए समय का सही नतीजा मिलना चाहिए, लेकिन Gen Z के लिए इंसानी रिश्ते बिजनेस डील की तरह नहीं होते। वे रिश्तों को बिना किसी जबरदस्ती के चलने देते हैं। कभीकभी रिश्ते इसलिए सफल होते हैं, क्योंकि वे सही समय पर बने, जबकि दूसरे इसलिए नहीं चल पाते क्योंकि समय सही नहीं था।
जेन जी
सही साथी की तलाश से कहीं ज्यादा
कई युवाओं के लिए, डेटिंग अब बस सेटल होने की दौड़ नहीं, बल्कि खुद को जानने का एक तरीका बनता जा रहा है। 25 साल से ज्यादा उम्र के लगभग 41% लोगों ने कहा कि कुछ मैच सिर्फ रोमांस से कहीं ज्यादा होते हैं। कइयों का मानना है कि दिल टूटने, थकान के बाद, एक छोटी लेकिन सच्ची मुलाकात उनके भीतर भरोसा को बढ़ाने के लिए काफी होता है।
आत्मविश्वास का बढ़ना
सर्वे में यह भी पाया गया कि डेटिंग अक्सर युवाओं को खुद के नए पहलुओं को जानने में मदद करती है। टियर 1, टियर 2 और टियर 3 शहरों के लगभग 31% पुरुषों और 26% महिलाओं ने कहा कि कुछ मैच ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें भविष्य में बेहतर रिश्तों के लिए तैयार किया।
अगर कहानी का कोई अंत न हो, तो भी ठीक है
इस पीढ़ी का सबसे बड़ा बदलाव इस बात में है कि यह पीढ़ी ‘क्लोज़र’ को कैसे देखती है। ज्यादातर लोगों ने कहा कि डेटिंग का मतलब सिर्फ रिश्ता बनाना नहीं, बल्कि अनुभव इकट्ठा करना है। अधूरे रिश्तों को नाकामी मानने की बजाय, Gen Z उन्हें का एक नेचुरल प्रोसेस मानते हैं। उनका ध्यान ‘परफेक्ट एंडिंग’ पर नहीं बल्कि साथ बिताए गए पलों पर निर्भर करता है, फिर चाहे वो पल छोटे ही क्यों न हो।



