What Is Wild Flowering Dating Trend: सोशल मीडिया और डेटिंग की दुनिया में हर दूसरे दिन कोई नया ट्रेंड चल पड़ता है। हालांकि, सोशल मीडिया और जेन जी के बीच पॉपुलर अधिकतर ट्रेंड को टॉक्सिक मानकर नकार दिया जाता है।

लेकिन डेटिंग का यह नया पैटर्न अलग है। यह रिश्तों में बिना जल्दबाजी किए, बिना किसी दबाव के और रिश्ते को बगैर कोई नाम दिए नेचुरली आगे बढ़ने का तरीका है।
क्या है वाइल्ड फ्लावरिंग डेटिंग ट्रेंड?
फेमस डेटिंग बंबल ने अपने यूजर्स के बदलते को देखते हुए इस नए शब्द को रिलेशनशिप की दुनिया में इंट्रोड्यूस किया है। कंपनी को स्प्रिंग सीजन के दौरान पता चला कि लोग पहले की तुलना में ज्यादा आत्मविश्वासी, सहज और नए रिश्तों को बिना किसी जल्दबाजी के आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
बम्बल की सेक्सोलॉजिस्ट शैंटेल ओटन के अनुसार, जैसेजैसे मौसम बदलता है और अधिक खुशनुमा होता जाता है, लोग एकदूसरे से अधिक खुलकर मिलने लगते हैं और नए रिश्तों को ‘गो विद द फ्लो’ की तर्ज पर आगे बढ़ने देते हैं। इसमें रिलेशनशिप में न कोई टाइमलाइन, लेबल या “हमारा रिश्ता क्या है?” जैसे सवाल नहीं पूछे जाते हैं।
इस नाम के पीछे तर्क यह है कि जैसे एक जंगली फूल बिना किसी दबाव या बिना किसी मेहनत खुद ही फलताफूलता है, वैसे ही रिश्ते भी भरोसा, प्यार और वफादारी के साथ समय के साथ मजबूत होते हैं।
डेटिंग ट्रेंड
क्यों पसंद किया जा रहा है यह डेटिंग ट्रेंड?
कोच मानते हैं कि आज के फास्ट स्वाइप कल्चर में लोग रिश्तों को नाम देने और ढेरों उम्मीदें की जल्दी में रहते हैं। ऐसे में वाइल्ड फ्लावरिंग ट्रेंड रिश्तों को वक्त देते हुए उसे अपनी गति से पनपने देता है।
हर रिश्ते के लिए सही नहीं है यह ट्रेंड
हालांकि, इस ट्रेंड का एक पहलू यह भी है कि हर किसी के लिए यह सही नहीं है। यह व्यक्ति की पर्सनल चॉइस, कमिटमेंट और रिश्तों को लेकर उसकी सोच पर निर्भर करता है। अगर कोई व्यक्ति वाइल्ड फ्लावरिंग के नाम पर रिश्तों को निभाने की जिम्मेदारी से भाग रहा है और अपने पार्टनर के लिए इमोशनली मौजूद नहीं है, तो यह हेल्दी रिलेशन नहीं है।



