Fake Notes Seizure Rampur: रामपुर पुलिस ने नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश किया है। 4.88 लाख के जाली नोट और उपकरण बरामद कर लिए हैं। जानें कैसे इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

कलर प्रिंटर से निकाल-निकाल छाप रहे‌‌‌ थे नकली नोट, पुलिस ने लाखों के जाली रुपये के साथ ऐसे दबोचे जालसाज

Rampur Fake Currency Gang: यूपी में रामपुर की थाना गंज पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़े नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 4 लाख 88 हजार 200 रुपये के जाली नोट और नकली नोट बनाने के अत्याधुनिक उपकरण बरामद किए हैं।

कैसे हुई नकली नोट के गिरोह के भंडाफोड़ की शुरुआत?

दरअसल, 1 अप्रैल 2026 को थाना गंज पुलिस ने बिलासपुर गेट के पास से दो आरोपियों सिनवान और मिन्हाज को 10 हजार 500 रुपये के नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच में सामने आया बड़ा नेटवर्क

विवेचना के दौरान पुलिस को एटा जिले के रहने वाले राजवर्धन सिंह चौहान उर्फ आसू और चिराग सक्सेना के बारे में पता चला। इसके बाद 11 अप्रैल को पुलिस ने चिराग सक्सेना को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर 12 अप्रैल को मेरठ की क्रिस ग्रीन कॉलोनी से राजवर्धन को दबोच लिया।

फ्लैट में लगा रखा था नकली नोट बनाने का सेटअप

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी राजवर्धन ने मेरठ में किराए के फ्लैट में नकली नोट छापने का पूरा सेटअप तैयार कर रखा था। यहां से 500 रुपये के 4 लाख 46 हजार के जाली नोट, 42 हजार 200 रुपये के अधबने और कटे-फटे नोट समेत कुल 4 लाख 88 हजार 200 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए। इसके अलावा लैपटॉप, डेस्कटॉप, कई प्रिंटर, लैमिनेशन मशीन, विशेष कागज, इंक, फॉइल और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल नोट बनाने में किया जाता था।

इंस्टाग्राम और कूरियर से फैलाया नेटवर्क

पूछताछ में आरोपी राजवर्धन ने बताया कि उसने दिल्ली में एक अज्ञात व्यक्ति से नकली नोट बनाना सीखा था। इसके बाद मेरठ में सेटअप लगाकर अपने दोस्त चिराग के साथ मिलकर इस धंधे को शुरू किया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। दोनों इंस्टाग्राम के जरिए ग्राहकों से संपर्क करते थे और नकली नोट कूरियर या तय स्थानों पर देकर असली पैसे वसूलते थे। आरोपी ने यह भी बताया कि ईद के बाद उसने रामपुर के दो युवकों को भी नकली नोट सप्लाई किए थे।

पुलिस की मिली बड़ी कामयाबी

इस पूरे मामले को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के जरिए बड़े स्तर पर नकली नोटों का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था, जिसे समय रहते ध्वस्त कर दिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, वहीं इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।