CJI Surya Kant: बिहार की राजधानी पटना में चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के मौलिक अधिकार की रक्षा के लिए न्याय पालिका पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि यदि इस अधिकार का उल्लंघन होता है तो अदालतें आंखें नहीं मूंदेंगी।

छात्रों से सीधे सवालजवाब

CJI सूर्यकांत पटना ने चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में औपचारिक भाषण नहीं दिया। वे स्टूडेंट्स के साथ सीधे सवालजवाब करते नजर आए।

छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर पुलिस की कार्रवाई

CNLU की एक स्टूडेंट ने छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल पूछा था। ये सवाल दिल्ली के जंतरमंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन से जुड़ा था।

CJI ने कहा अदालतें नजरें नहीं फेरेंगी

CJI ने सवाल पूछने वाली छात्रा से कहा कि पुलिस की ओर से कथित बर्बर दमन के मामलों में अदालतें नजरें नहीं फेरेंगी। उन्होंने छात्रों के शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के अधिकार की रक्षा के लिए न्याय पालिका की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दोहराया।

कॉलेजियम में असहमति पर भी बात 

एक स्टूडेंट ने पूछा कि कॉलेजियम में असहमति वाले विचारों को दर्ज तो किया गया, लेकिन उन्हें कभी सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि खुलासा विचाराधीन व्यक्ति को असहज स्थिति में डालने का जोखिम पैदा करता है, चाहे उसकी मंशा कितनी भी अच्छी क्यों न हो। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जब व्यक्तिगत गरिमा का सवाल हो तो पारदर्शिता की भी सीमाएं होती हैं। यदि कॉलेजियम की कार्यवाही में किसी जज के बारे में कोई नकारात्मक टिप्पणी शामिल हो तो कोई मुख्य न्यायाधीश या न्यायाधीश अपना काम कैसे जारी रख सकता है ? CJI सूर्यकांत ने पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव के साथ यूनिवर्सिटी कैंपस का दौरा भी किया।