मेटल और माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड के शेयरों में तिमाही नतीजों के बाद शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई पर कंपनी का शेयर पिछले सत्र में 267.70 रुपये पर बंद हुआ था और आज 269 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में बिकवाली के दबाव के चलते यह एक फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ 263.20 रुपये के निचले स्तर तक फिसल गया। हालांकि, कंपनी के हालिया वित्तीय प्रदर्शन ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है, क्योंकि कंपनी ने अपने मजबूत तिमाही नतीजों का ऐलान किया है।

कंपनी द्वारा जारी आधिकारिक वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वेदांता का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 72 प्रतिशत बढ़कर 5,473 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी ने 3,185 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। इसके अलावा, ऑपरेशन से होने वाला कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 53.6 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी के साथ 24,205 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 15,754 करोड़ रुपये था।

तिमाही के दौरान कंपनी का परिचालन प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा। वेदांता का कुल एबिटा सालाना आधार पर 98 प्रतिशत की छलांग लगाकर रिकॉर्ड 8,469 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कॉपर कारोबार को छोड़कर कंपनी का एबिटा मार्जिन 985 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 57 प्रतिशत हो गया, जो इसके बेहतर संचालन और लागत प्रबंधन को दर्शाता है। वैश्विक स्तर पर धातुओं की कीमतों में तेजी और विदेशी मुद्रा से मिले लाभ ने कंपनी के राजस्व को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।

तिमाही नतीजे सामने आने के बाद प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों ने शेयरों की चाल और भविष्य के टारगेट पर अपनी राय दी है। नुवामा ने वेदांता के शेयरों पर खरीदारी की सलाह बरकरार रखते हुए प्रति शेयर 333 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जो इसकी मौजूदा कीमत से काफी अधिक है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वहीं, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने इस स्टॉक पर अपनी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 290 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमान के अनुरूप रहा है, हालांकि शुरुआती कारोबार में आई मुनाफावसूली से शेयरों पर दबाव देखा गया।