Vaibhav Sooryavanshi: भारत और पाकिस्तान के बीच एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट फाइनल में रोमांच के साथ एक ऐसा पल भी देखने को मिला, जिसने मुकाबले का तापमान बढ़ा दिया।

पाकिस्तान के ऑलराउंडर सैम अयूब ने भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का विकेट लेने के बाद ‘बेबी क्रैडल’ सेलिब्रेशन किया। इस जश्न को वैभव सूर्यवंशी की कम उम्र से जोड़कर देखा गया, क्योंकि वह महज 15 साल के हैं।

Vaibhav Sooryavanshi ने लगाए दो छक्के, फिर अयूब ने किया आउट

भारत ने फाइनल में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा ने पारी की शुरुआत की। दूसरे ओवर में वैभव ने पाकिस्तान के गेंदबाज साद मसूद के खिलाफ लगातार दो छक्के जड़कर अपने इरादे जाहिर कर दिए।

इसके बाद तीसरे ओवर में सैम अयूब गेंदबाजी करने आए। ओवर की पहली गेंद पर वैभव ने रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके ग्लव्स से लगकर विकेटकीपर उस्मान खान के हाथों में चली गई। वैभव 9 गेंदों पर 15 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें दो छक्के शामिल थे।

वैभव सूर्यवंशी को आउट कर सैम आयूब ने किया बेबी सेलिब्रेशन

वैभव के आउट होने के बाद सैम अयूब ने हाथों से बच्चे को गोद में लेकर झुलाने जैसा इशारा किया। इस ‘बेबी क्रैडल’ सेलिब्रेशन को सोशल मीडिया पर वैभव की उम्र को लेकर की गई टिप्पणी के तौर पर देखा गया। हालांकि, इस जश्न का आधिकारिक तौर पर अयूब ने कोई अलग अर्थ बताया हो, ऐसी पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट्स में नहीं है।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और भारतपाकिस्तान मुकाबले में एक और चर्चा का विषय बन गया।

अभिषेक शर्मा ने दिया बल्ले से जवाब

वैभव के आउट होने के बाद अभिषेक शर्मा ने भारतीय पारी की जिम्मेदारी संभाली। अयूब के उसी ओवर में अभिषेक ने छक्का और फिर लगातार दो चौके लगाकर 15 रन बटोरे। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और सिर्फ 20 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया।

अभिषेक ने फाइनल में 28 गेंदों पर 61 रनों की तेज पारी खेली, जिसमें 7 छक्के और 3 चौके शामिल रहे। भारत ने 20 ओवर में 211/6 का बड़ा स्कोर बनाया।

भारत ने जीता एशियन गेम्स गोल्ड

भारत ने 212 रनों के लक्ष्य का बचाव करते हुए पाकिस्तान को 192/6 तक ही रोक दिया और 19 रन से मुकाबला जीतकर पुरुष क्रिकेट का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत में अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की पारियों की अहम भूमिका रही।