करवा चौथ का फेस्टिवल हर शादी शुदा कपल के लिए बेहद खास होता है. इस दिन महिलाएं जहां निर्जला व्रत करती हैं तो पतियों की भी पूरी कोशिश होती है कि वो उनके चेहरे पर मुस्कान बनाए रखें. इस दिन तोहफे में अगर आप वाइफ को सोने की कोई चीज खरीदकर देने वाले हैं तो आपको इसे खरीदते वक्त कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखना चाहिए. गोल्ड की कीमत आज के समय में आसमान छू रही हैं. ऐसे में अगर जानकारी न हो तो आपको गहने खरीदना और भी महंगा पड़ सकता है.

छोटे से ईयररिंग से लेकर गोल्ड का हार खरीदने तक…सोने की शुद्धता की जांच से लेकर कीमत किस तरह तय करनी चाहिए. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इन सारी चीजों के बारे में आपको पता होना बेहद जरूरी है. भारत में सोना खरीदना कोई शौक नहीं है, बल्कि ये एक तरह से निवेश करने का तरीका भी है. ऐसे में सिर्फ डिजाइन नहीं बाकी की चीजें भी ध्यान में रखनी होती हैं.
सोने की शुद्धता की जांच
कोई भी गोल्ड की चीज खरीदने में सबसे पहला कदम होता है उस गहने की शुद्धता की जांच करना.इसका सबसे अच्छा तरीका होता है कि आप गहने पर वाली आधिकारिक संस्था भारतीय मानक ब्यूरो के लगे हॉलमार्क को चेक करें. इससे पता चलता है कि ये गहना कितने कैरेट का बना हुआ है.
होल मार्क की बेसिक जानकारी
आपको BIS हॉलमार्क चेक करना भी आना चाहिए जैसे किसी भी ज्वेलरी पर BIS स्टैम्प के साथ एक खास नंबर उकेरा हुआ होता है. इसी के साथ इसमें हॉलमार्क का साल और ज्वेलर की पहचान बताने वाला एक निशान भी होता है. सोने की शुद्धता यानी कैरेट को समझने के लिए उसपर लिखे “K” अक्षर को देखें. अगर ज्वेलरी पर 916 लिखा हुआ है तो ये 22 कैरेट की है.
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बदलती कीमत की जांच करें
सोने की शुद्धता के मुताबिक ही उसकी बाजार की कीमत होती है. ये भी याद रखें कि सोने की दर रोजाना बदलती रहती है. ऐसे में आप पहले ही पता कर लें कि गोल्ड का उस वक्त क्या भाव चल रहा है. आप कितने ग्राम का गहना खरीद रहे हैं और कितने कैरेट का उसके हिसाब से कीमत को जोड़ें और मेकिंग चार्ज भी पता कर लें. इसके बाद ही सही कीमत दें.
मेकिंग चार्ज पर करें मोलभाव
कई बार ज्वेलर्स की अलगअलग दुकानों पर मेकिंग चार्ज अलग हो सकते हैं. ऐसे में आप मार्केट की जानकारी ले लें. जहां से आप गहने खरीद रहे हैं वहां पर आप इसके लिए थोड़ा मोलभाव करने में बिल्कल भी न हिचकिचाएं, क्योंकि ये एक ग्राहक का राइट है.
वजन की जांच और पक्का बिल
आपने अगर कोई ऐसा डिजाइन पसंद किया है, जिसमें मीनाकारी, पत्थरों, नगों का काम भी है तो इसका कुल वजन आपको अलग से पता करना चाहिए. हमेशा ध्यान रखें कि गहना खरीदने के बाद पक्का बिल जरूर लें. इससे आपके पास पूरा प्रूफ रहेगा कि पत्थरों, रत्नों, नग या मोतियों का वजन कितना है, शुद्ध सोना उसमें कितना है, कितने मेकिंग चार्ज हैं और जीएसटी कितनी गई है. ये सारी जानकारियां भी बिल में जरूर चेक कर लें.



