Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक हैरान कर देने वाली और आस्था से भरी घटना सामने आई है. कोतवाली थाना क्षेत्र के बंगाली मोहाल में सोमवार देर रात बारिश के बाद करीब 90 साल पुराना चार मंजिला जर्जर मकान ताश के पत्तों की तरह भरभराकर ढह गया. हैरानी और राहत की बात यह रही कि इस बड़े हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई. परिवार के सभी सदस्य हादसे से ठीक दो घंटे पहले ही मकान खाली करके सुरक्षित बाहर निकल गए थे. इतना ही नहीं, घर में पले कुत्ते, खरगोश और मलबे के बीच स्थापित 6 फीट ऊंची देवी मां की मूर्ति भी पूरी तरह सुरक्षित मिली.

बंगाली मोहाल निवासी वेद प्रकाश मिश्रा, जो पानी सप्लाई का काम करते हैं, ने बताया कि उनका चार मंजिला मकान करीब 80 से 90 साल पुराना था. मकान के निचले हिस्से में देवी दुर्गा का मंदिर स्थापित है, जहां परिवार के सदस्य कई पीढ़ियों से पूजाअर्चना करते आ रहे हैं. वर्तमान में परिवार की वृद्धा मीरा देवी मंदिर की देखभाल और पूजा करती हैं.

मां मीरा देवी ने बताया कि सोमवार शाम करीब 7 बजे जब वह मंदिर में देवी मां को भोग लगा रही थीं, तब उन्हें अचानक ऐसा अहसास हुआ जैसे देवी मां उनसे कह रही हों कि तुरंत घर खाली कर दो, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है. शाम का अहसास होने के बाद रात करीब 9 बजे बंदरों के कूदने से मकान का छज्जा नीचे गिर गया. इसके बाद परिवार ने बिना देर किए जरूरी सामान, पालतू कुत्ता और खरगोश लिया और रिश्तेदारों के घर चले गए.

रात 11 से सुबह 5 बजे तक ढहता रहा मकान, मूर्ति रही सुरक्षित

परिवार के जाने के बाद रात करीब 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच चार मंजिला जर्जर मकान का अगला हिस्सा धीरेधीरे पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया. मंगलवार सुबह जब पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे, तो देखा कि करीब 6 फीट ऊंची दुर्गा माता की मूर्ति मलबे के बीच बिना किसी नुकसान के सुरक्षित खड़ी थी. बउवा मिश्रा और पूरे परिवार ने इसे माता रानी का चमत्कार और असीम कृपा माना है. सूचना मिलने पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से इलाके में बैरियर लगा दिए हैं और जर्जर हिस्से को पूरी तरह गिरवाने का काम शुरू कर दिया गया है.

बारिश में कच्ची दीवार ढही, मलबे में दबे 80 वर्षीय वृद्ध

उधर, कानपुर से सटे उन्नाव जिले के सफीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बरभौला गांव में बारिश के कारण कमजोर हुई एक कच्ची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। नाती आनंद ने बताया कि उनके नाना सेवकी का अपने भतीजे तेजपाल और महेश के साथ मकान को लेकर कोर्ट में दीवानी मुकदमा चल रहा है, जिसके चलते दीवार का निर्माण नहीं हो सका था.

सोमवार को बारिश के कारण दीवार गिरने से 80 वर्षीय सेवकी मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए. चीखपुकार सुनकर पहुंचे परिजनों ने उन्हें बाहर निकाला और सफीपुर सीएचसी में भर्ती कराया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है.