बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार नीरज कुमार ने जीत दर्ज की है. यह सीट सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रही है क्योंकि उनके प्रतिद्वंद्वी जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह को मोकामा के विधायक अनंत सिंह का समर्थन प्राप्त था. इस सीट को लेकर अनंत सिंह और नीरज के बीच ठनी हुई थी. नीरज सिंह ने जीत हासिल करने के बाद अनंत सिंह पर हमला बोला है.

नीरज सिंह ने मीडिया से बात करते हुए इस जीत का श्रेय नीतीश कुमार, निशांत कुमार, सम्राट चौधरी, उपेंद्र कुशवाहा, जीतन राम मांझी और चिराग पासवान को दिया है. उन्होंने कहा है कि अभी जीत का जश्न मनाना बाकी है. वहीं, उन्होंने अनंत सिंह को लेकर कहा, ‘जाने दीजिए… जैसी करनी, वैसी भरनी… घर से निकलेंगे या नही. वे अब नया ठिकाना खोजें.’
पटना स्नातक सीट पर हार के बाद क्या बोले अनंत सिंह?
पटना स्नातक सीट पर नीरज सिंह की जीत को लेकर अनंत सिंह ने कहा, ‘गिनती पूरी हो गई है और हम हार गए हैं. अब इसमें चर्चा करने के लिए क्या है? क्या हमने किसी दुकान से वोट खरीदे थे? क्या हमने उन्हें तौलकर खरीदा था? जनता ही सर्वोपरि है और ईश्वर उनके साथ हैं. जिन्हें जनता के वोट मिले, वे जीत गए और जिन्हें नहीं मिले, वे हार गए. वे जीत गए हैं और हम हार गए हैं. अब और क्या कहा जाए? मैं कभी भी पार्टी से नाराज नहीं रहा. मैं उन्हें बधाई क्यों दूं और क्या ही कहूं… देखते हैं कि क्या उनका फोन आता है?’
मतगणना के दौरान नीरज सिंह ने कहा था, ‘मनुष्य को कभी दया का पात्र नहीं बनना चाहिए. ईर्ष्या का पात्र बनना चाहिए. मेरे पास धन बल नहीं है, मेरे पास बाहुबल नहीं है, मेरे पास जनबल और कार्यकर्ता बल है. मुझे मां कामाख्या, भगवती और बाबा परशुराम का आशीर्वाद मिला है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हम गांधी के पुजारी हैं. गांधी के हाथ में कुछ भी नहीं था और अंग्रेजों को इस देश से भगा दिया इसलिए गांधी के रास्ते पर चलिए सुख और दुख आते रहेगा. मूल्यांकन नहीं करने की जरूरत है.’
जश्न के लिए अनंत सिंह के घर पर बनाए रसगुल्ले
पटना स्नातक सीट पर जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह की जीत का अनंत सिंह को पूरा भरोसा था. उन्होंने नीरज कुमार का विरोध करते हुए अनुज सिंह के पक्ष में जमकर चुनाव प्रचार किया था. अनंत सिंह ने भरोसे पर अडिग रहते हुए अपने आवास पर कई कुंतल रसगुल्ले बनवाए. मतगणना शुरू होने के साथ ही उनके समर्थकों के बीच रसगुल्ले बांटे गए. नतीजे घोषित होने से पहले ही जीत के जश्न जैसी तस्वीरें सामने आईं, लेकिन पटना स्नातक सीट का रिजल्ट उनके पक्ष में नहीं गया और अनुज सिंह की हार हो गई.
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद पुराने हैं. इस चुनाव में अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के अनुज सिंह का समर्थन किया, जिसकी वजह से पटना स्नातक सीट का मुकाबला दिलचस्प हो गया.



