Thursday, April 2, 2026
Uncategorized

AI के कारण गई नौकरी, डिप्रेशन में इंजीनियर ने कर लिया सुसाइड… लाश देख पत्नी ने भी 17वीं मंजिल से लगाई छलांग!

AI के कारण गई नौकरी, डिप्रेशन में इंजीनियर ने कर लिया सुसाइड… लाश देख पत्नी ने भी 17वीं मंजिल से लगाई छलांग

तकनीक की दुनिया में जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भविष्य माना जा रहा है, वहीं इसके कारण पैदा हुई बेरोजगारी ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया. बेंगलुरु में रहने वाले तेलंगाना के एक टेक प्रोफेशनल दंपति ने आत्महत्या कर ली. जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं की मानसिक स्थिति और जॉब सिक्योरिटी पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं.

तेलंगाना के रहने वाले 32 वर्षीय भानु चंदर रेड्डी कुंटा और उनकी 31 वर्षीय पत्नी बीबी शाजिया सिराज पिछले आठ महीनों से बेंगलुरु में रह रहे थे. भानु चंदर रेड्डी अमेरिका में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत थे, जहां उनका सालाना पैकेज लगभग 80 लाख रुपये था. उन्होंने अमेरिका और तेलंगाना में अपने परिवार के लिए घर भी खरीदे थे. लेकिन AI के बढ़ते प्रभाव और तकनीक में बदलाव के कारण उनकी नौकरी चली गई, जिसके बाद वे भारत लौट आए.

सुसाइड नोट में खुलासा

पुलिस को रेड्डी के शव के पास एक सुसाइड नोट मिला है. नोट के अनुसार, नौकरी जाने के बाद वे गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में थे. भारत लौटने के बाद उन्होंने कई जगहों पर प्रयास किया, लेकिन उपयुक्त अवसर न मिलने और आर्थिक अनिश्चितता के डर ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया. हालांकि, उनकी पत्नी शाजिया और परिवार उनके साथ मजबूती से खड़ा था, लेकिन रेड्डी अपनी आंतरिक जंग हार गए.

पत्नी ने भी तोड़ा दम

घटना के दिन शाजिया अपनी नाइट शिफ्ट खत्म कर घर लौटी थीं. जब दरवाजा नहीं खुला, तो गार्ड की मदद से उसे तोड़ा गया, जहां रेड्डी का शव मिला. पति की मौत के सदमे को शाजिया बर्दाश्त नहीं कर पाईं. पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर करीब 20 मिनट रुकने के बाद शाजिया चुपचाप अपार्टमेंट की 17वीं मंजिल पर गईं और वहां से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी. यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि एआई के दौर में बढ़ती बेरोजगारी और उसके कारण होने वाले मानसिक तनाव का एक चेतावनी भरा उदाहरण भी है.

ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं।
me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply