Cigarette Cravings:कई लोगों को खाना खाने के बाद या चाय की चुस्की लेते समय सिगरेट पीने की तेज इच्छा होने लगती है। कुछ लोगों के लिए तो चाय और सिगरेट की आदत एकदूसरे से जुड़ जाती है। वे सिगरेट छोड़ना भी चाहते हैं, लेकिन इन खास मौकों पर खुद को रोकना मुश्किल लगता है। आखिर ऐसा क्यों होता है? इसके पीछे सिर्फ आदत है या शरीर में भी कुछ बदलाव होते हैं?

निकोटीन की लत का असर
सिगरेट में निकोटीन नाम का नशीला पदार्थ होता है। यह दिमाग में डोपामिन जैसे रसायनों पर असर डालता है, जो कुछ समय के लिए अच्छा महसूस करा सकते हैं। बारबार सिगरेट पीने से शरीर निकोटीन का आदी हो सकता है। ऐसे में कुछ समय तक सिगरेट नहीं मिलने पर उसे पीने की इच्छा बढ़ने लगती है।
चाय के साथ सिगरेट की आदत क्यों?
अगर कोई व्यक्ति रोज चाय के साथ सिगरेट पीता है, तो धीरेधीरे दिमाग इन दोनों चीजों को एकदूसरे से जोड़ लेता है। फिर चाय की खुशबू, स्वाद या चाय पीने का समय होते ही सिगरेट की तलब उठ सकती है। यह एक सीखी हुई आदत है, जो बारबार दोहराने से मजबूत हो जाती है।
खाना खाने के बाद क्यों याद आती है सिगरेट?
कई लोग हर बार भोजन के बाद सिगरेट पीते हैं। धीरेधीरे यह उनके रोज के रूटीन का हिस्सा बन जाता है। खाना खत्म होते ही दिमाग सिगरेट की उम्मीद करने लगता है। इसलिए भोजन के बाद तलब महसूस हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि शरीर को खाना पचाने के लिए सिगरेट की जरूरत है।
सिगरेट छोड़ना मुश्किल क्यों होता है?
सिगरेट की लत केवल आदत तक सीमित नहीं रहती। निकोटीन की कमी होने पर चिड़चिड़ापन, बेचैनी, ध्यान लगाने में परेशानी और बारबार सिगरेट पीने का मन हो सकता है। यही वजह है कि छोड़ने की कोशिश के दौरान कुछ खास समय पर तलब ज्यादा महसूस होती है। हालांकि, यह परेशानी समय के साथ कम हो सकती है।
सिगरेट की तलब कम करने के लिए क्या करें?
चाय के साथ सिगरेट पीने की आदत है, तो कुछ दिनों तक चाय पीने की जगह या समय बदलकर देखें। खाना खाने के बाद थोड़ी देर टहलें, पानी पिएं या शुगरफ्री च्यूइंग गम चबाएं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सिगरेट की इच्छा होने पर कुछ मिनट रुकें और अपना ध्यान दूसरी गतिविधि में लगाएं। अगर बारबार कोशिश करने के बाद भी सिगरेट नहीं छूट रही है, तो डॉक्टर की मदद लें। निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी जैसे विकल्प तलब कम करने में मदद कर सकते हैं। भारत में तंबाकू छोड़ने के लिए राष्ट्रीय क्विटलाइन 1800112356 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
:



