Diabetes And Heart Attack Risk Symptoms: डायबिटीज को आमतौर पर केवल बढ़े हुए ब्लड शुगर लेवल से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार आगाह कर रहे हैं कि यह बीमारी दिल की सेहत पर भी गंभीर असर डालती है। डायबिटीज से पीड़ित लोगों में हृदय रोगों का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में कहीं अधिक होता है। चिंता की बात यह है कि कई बार इसके शुरुआती लक्षण इतने हल्के होते हैं कि लोग उन्हें उम्र बढ़ने, तनाव या व्यस्त जीवनशैली का सामान्य असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

Diabetes And Heart Attack Risk: डायबिटीज का अगला निशाना आपका दिल, इन साइलेंट संकेतों को न करें इग्नोर​
Diabetes And Heart Attack Risk: डायबिटीज का अगला निशाना आपका दिल, इन साइलेंट संकेतों को न करें इग्नोर​

नवी मुंबई स्थित अपोलो हॉस्पिटल के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. ब्रजेश कुंवर के अनुसार, डायबिटीज धीरेधीरे रक्त वाहिकाओं और नसों को नुकसान पहुंचाती है तथा कोरोनरी आर्टरी डिजीज की रफ्तार बढ़ा सकती है। इससे दिल से जुड़ी गंभीर समस्याओं और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

डॉ. ब्रजेश कुंवर ने कहा कि डायबिटीज के अधिकांश मरीज अपना पूरा ध्यान ब्लड शुगर नियंत्रित रखने पर देते हैं, लेकिन दिल की सेहत को उतनी प्राथमिकता नहीं मिलती। यदि बिना किसी स्पष्ट कारण के थकान महसूस हो, सांस फूलने लगे, पहले जितनी शारीरिक गतिविधि न हो पाए या सीने में हल्की तकलीफ महसूस हो, तो इन्हें सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, खासकर लंबे समय से डायबिटीज से पीड़ित लोगों को।

समय के साथ बढ़ता है खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक अनियंत्रित डायबिटीज दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियों को संकरा और कठोर बना सकती है। कई मरीजों में धमनियों के भीतर कैल्शियम की मोटी परत वाली रुकावटें विकसित हो जाती हैं, जिससे इलाज अधिक जटिल हो जाता है। समय पर उपचार न मिलने पर हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थितियों का जोखिम भी बढ़ जाता है।

डायबिटीज और आपका दिल: जोखिम, लक्षण और बचाव

नई तकनीकों से जटिल इलाज हुआ आसान

इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी में आई आधुनिक तकनीकों ने ऐसे जटिल मामलों के इलाज को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाया है। एडवांस कैल्शियम मॉडिफिकेशन तकनीक, अत्याधुनिक इमेजिंग और नई पीढ़ी के स्टेंट की मदद से अब विशेषज्ञ कठिन और ज्यादा कैल्सिफाइड ब्लॉकेज का भी पहले की तुलना में अधिक सटीक उपचार कर पा रहे हैं। इससे इलाज के बेहतर परिणाम मिल रहे हैं और पूरी प्रक्रिया भी अधिक सुरक्षित हो गई है।

अपोलो हॉस्पिटल के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. ब्रजेश कुंवर ने कहा कि नई तकनीकों ने जटिल कोरोनरी आर्टरी डिजीज़ के उपचार के तरीके को बदल दिया है। एडवांस कैल्शियम मॉडिफिकेशन तकनीक और सटीक योजना के जरिए अब कठिन ब्लॉकेज का अधिक प्रभावी इलाज संभव हो गया है, जिससे मरीजों को बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।”

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

कार्डियोलॉजिस्ट का कहना है कि को लगातार थकान, सांस फूलना, स्टैमिना में कमी, सीने में असहजता या शारीरिक गतिविधि के दौरान परेशानी जैसे लक्षणों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। समय पर जांच और उचित इलाज से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है और लंबे समय तक दिल को स्वस्थ रखा जा सकता है।

क्या है विशेषज्ञों की सलाह?

विशेषज्ञों का मानना है कि डायबिटीज की देखभाल केवल ब्लड शुगर नियंत्रित रखने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसके साथसाथ नियमित रूप से हृदय की जांच, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखना, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समयसमय पर हेल्थ चेकअप भी उतने ही जरूरी हैं।
भारत में डायबिटीज और हृदय रोगों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे केवल ब्लड शुगर पर ही नहीं, बल्कि अपने दिल की सेहत पर भी बराबर ध्यान दें, ताकि गंभीर जटिलताओं से समय रहते बचा जा सके।