AI Image Verification: आज के समय में ज्यादातर लोग अपनी सुविधा के लिए AI टूल्स, और के जरिए जरुरी जानकारी के साथ साथ फोटो , वीडियो बनाने में भी इसका बेहद इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो फेक फोटो और फेक वीडियो बनाकर ठगी, ब्लैकमेल, अफवाह फैलाने जैसे कामों में भी इस्तेमाल करते हैं।

इस समय AI इमेज टूल्स इतने एडवांस हो चुके हैं कि यह पहचानना मुश्किल है कि यह तस्वीर या वीडियो असली है या नकली । ऐसे में कई लोग इसे सच मानकर तस्वीरें और पोस्ट शेयर कर देते हैं, इसलिए शेयर करने से पहले ये चेक करना जरुरी है कि यह वीडियो या फोटो असली है या नहीं। आइए जानते हैं कि कैसे पता करें फोटो असली है या नहीं?

AI से बनी तस्वीरों में होती है ये गलती

आज के समय में AI इमेज टूल्स ज्यादा एडवांस हो चुके हैं, लेकिन अब भी तस्वीरों में कुछ कमी रह जाती है। अगर आप AI टूल्स से बनी तस्वीरों को ध्यान से देखें तो कई बार हाथों की उंगलियां, दांतों की बनावट, कान के इयररिंग्स की बनावट अलग होती है। इतना ही नहीं जिसमें टैक्ट लिखा होता है, उसमें कई बार शब्द उल्टेपुल्टे लिखे हुए होते है, जिससे आपको पता चल सकता है ये फोटो असली है या फेक ।

AI Image detection टूल्स का करें इस्तेमाल

अगर फोटो में कोई कमी नजर नहीं आ रही है, तो आप AI Image detection टूल्स की मदद से पता लगा सकते हैं कि तस्वीर AI है या असली ।

बता दें कि, AI Image detection टूल्स एक ऐसा ऑनलाइन टूल है जो तस्वीर को एनालाइज करके यह अनुमान लगाता है, कि यह तस्वीर AI से बनाई गई है या किसी कैमरे से ली गई है। वहीं कुछ टूल्स आपको ऐसा बता सकते हैं कि यह तस्वीर कुछ प्रतिशत AI है।

इस तरह करें Al Detection Tool का इस्तेमाल  

पहले किसी भरोसेमंद Al image detection tool की वेबसाइट जैसे ZeroGPT, Quillbot और GPT Zero टूल्स पर जाएं। फिर जिस 
फोटो को चेक करना है उसे अपलोड इमेज, अपलोड फाइल जैसे ऑप्शन पर ड्रैग करें। फिर Detect, Analyze या Check बटन पर क्लिक करें।

इसके बाद tool आपकी तस्वीर को analyze करके अपना result दे देगा। result का format अलग हो सकता है। जैसे कि वो प्रतिशत में बता दें, ये भी दे सकता की AI जनरेटेड है।

ChatGPT और Gemini से भी कर सकते हैं पता

OpenAI टूल्स को आप अपने फोन या कंप्यूटर के ब्राउजर में खोलकर फोटो अपलोड करें। इसके बाद सिस्टम तस्वीर को स्कैन करता है और उसमें मौजूद AI से जुड़े डिजिटल संकेतों और पैटर्न की जांच करके रिजल्ट देता है। वहीं यूजर Gemini ऐप में फोटो अपलोड करके सीधे पूछ सकते हैं कि तस्वीर AI जनरेटेड है या नहीं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं।