भारतीयों को थाइलैंड बहुत पसंद है. हर साल करीब 20 लाख भारतीय वहां पहुंचते हैं. खासतौर पर थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक. वो बैंकॉक जिसका आधिकारिक नाम इतना लम्बा है कि भारतीयों के लिए इसे याद रखना थोड़ा मुश्किल है. इसका आधिकारिक नाम “Krung Thep Mahanakhon Amon Rattanakosin Mahinthara Ayuthaya Mahadilok Phop Noppharat Ratchathani Burirom” है.

यह नाम हिंदू देवताओं से जुड़ा है. नाम बड़ा होने के कारण इसे शॉर्ट में पढ़ा जाता है और इसे Krung Thep कहते हैं, जिसका मतलब है शहर या राजधानी.

इंद्र देवता के आदेश पर बना बैंकॉक

जब 1782 में राजा राम प्रथम ने बैंकॉक को थाईलैंड की राजधानी बनाया, तो उन्होंने इसे इंद्र के सम्मान में नाम दिया. थाई पौराणिक कथाओं और मान्यताओं के अनुसार थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक का निर्माण देवराज इंद्र के आदेश पर देवशिल्पी विश्वकर्मा ने किया गया था. इसे प्राचीन राजधानी अयुथ्या के नाम से जाना जाता था. इस शहर के नाम के एक हिस्से यानी Krung Thep Mahanakhon का मतलब देवताओं का महान शहर है. हिंदी में इसे इंद्र का महान शहर भी कहते हैं.

थाइलैंड में कई जगह ऐरावत हाथी पर सवार इंद्र की प्रतिमा नजर आती है.

राजा राम प्रथम की यह पसंद सिर्फ एक नाम नहीं था. यह एक संदेश था, जो यह दर्शाता है कि थाईलैंड भारतीय सभ्यता और संस्कृति का कितना सम्मान करता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। भारतथाईलैंड के संबंध हजारों साल पुराने हैं. यह नाम उसी संबंध का जीवंत उदाहरण है.

थाईलैंड और भारतीय संस्कृति का कनेक्शन

यह समझने के लिए हमें इतिहास में लौटना होगा, जब भारतीय व्यापारी और ब्राह्मण पुजारी दक्षिणपूर्व एशिया में जाते थे, तो वे अपनी संस्कृति, धर्म और ज्ञान से लोगों को प्रभावित करते थे. थाईलैंड जो पहले सियाम कहलाता था वहां पर भारतीय प्रभाव बहुत गहरा रहा है. थाई संस्कृति में आप हर जगह हिंदू देवताओं को देख सकते हैं.

थाइलैंड में प्रभु श्रीराम समेत हिन्दू देवीदेवताओं की प्रतिमाएं नजर आती है.

  • देवताओं की मूर्तियां: बैंकॉक के हर पार्क, मंदिर और सार्वजनिक स्थान पर आप हिंदू देवताओं की मूर्तियां पाएंगे, खासकर हनुमान, गणेश और इंद्र की.
  • धार्मिक परंपरा: थाईलैंड का राजतंत्र खुद को हिंदू परंपरा से जोड़ता है. थाई राजा को देवराज यानी देवताओं का राजा माना जाता है.
  • त्योहार: थाईलैंड में दिवाली जैसे त्योहारों का महत्व है और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान दिखता है. त्योहारी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होती हैं.

बैंकॉक.

धार्मिकपौराणिक कनेक्शन के अलावा थाईलैंड आज भारतीय पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा विदेशी डेस्टिनेशन में से एक बन चुका है. थाईलैंड पर्यटन प्राधिकरण के मुताबिक 2024 में करीब 21 लाख भारतीय पर्यटक थाईलैंड घूमने पहुंचे, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 31% ज़्यादा था. 2025 में यह आंकड़ा 2325 लाख तक पहुंचने का अनुमान जताया जा रहा है.

थाईलैंड ट्रिप

भारत फिलहाल मलेशिया और चीन के बाद थाईलैंड का तीसरा सबसे बड़ा पर्यटन बाज़ार है. इसकी बड़ी वजह है वीजाफ्री एंट्री, जो नवंबर 2023 से लागू है और भारतीयों को बिना वीजा 60 दिन तक रुकने की सुविधा देती है. साथ ही सस्ती फ्लाइट्स, बीच, नाइटलाइफ, वेलनेस रिट्रीट और सांस्कृतिक समानता भी भारतीय पर्यटकों को थाईलैंड की ओर खींचती है.