वेस्टर्न रेलवे अपने नेटवर्क पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड कर रहा है. रेलवे का लक्ष्य कई रूटों पर मौजूदा 100110 किमी प्रति घंटा की अधिकतम गति को बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटा करना है. वहीं, व्यस्त मुंबईदिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों को 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलाने की दिशा में भी काम चल रहा है. मंगलवार को चर्चगेट स्थित वेस्टर्न रेलवे मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान वेस्टर्न रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पांडे ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस स्पीड बढ़ाने की योजना का उद्देश्य यात्रा समय कम करना, परिचालन क्षमता में सुधार लाना और यात्रियों को तेज एवं बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है.

कई रूटों पर 130 किमी प्रति घंटा की स्पीड

रामाश्रय पांडे के मुताबिक, जिन रूटों पर फिलहाल ट्रेनें 100 या 110 किमी प्रति घंटा की गति से चलती हैं, वहां ट्रैक और अन्य सुविधाओं को अपग्रेड किया जा रहा है ताकि ट्रेनें 130 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से चल सकें. इसके साथ ही मुंबईदिल्ली रेल कॉरिडोर को 130 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 160 किमी प्रति घंटा के लिए तैयार करने का काम भी जारी है.

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से बढ़ेगी क्षमता

उन्होंने कहा कि वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर शुरू होने के बाद मालगाड़ियों का दबाव मुख्य रेलवे नेटवर्क से कम होगा. इससे मौजूदा ट्रैक पर अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी और अधिक संख्या में यात्री ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की मांग

वेस्टर्न रेलवे ने विभिन्न रूटों पर संचालन के लिए 3 से 4 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की मांग भी की है. इन ट्रेनों के मिलने से लंबी दूरी की यात्रा और अधिक आरामदायक और तेज हो सकती है.

बांद्रा टर्मिनस पर बढ़ेंगी सुविधाएं

बांद्रा के गरीब नगर क्षेत्र के पुनर्विकास को लेकर भी योजना बनाई जा रही है. यहां यात्री सुविधाओं का विकास किया जाएगा और कुछ रेलवे ढांचों, जैसे डीजल शेड, को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा. इसके बाद बांद्रा टर्मिनस पर 10 नई स्टेबलिंग लाइनें बनाई जाएंगी, जिससे कम से कम 10 नई ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सकेगा.

मुंबई सेंट्रल पर 24 कोच वाली ट्रेनें

रेलवे अगले कुछ वर्षों में चरणबद्ध तरीके से मुंबई सेंट्रल टर्मिनस के सभी पांच प्लेटफॉर्म का विस्तार करेगा. फिलहाल यहां अधिकतम 22 कोच वाली ट्रेनें ही संचालित हो सकती हैं, लेकिन विस्तार के बाद 24 कोच वाली ट्रेनों को भी संभाला जा सकेगा.

यात्रियों की संख्या में आई गिरावट

रामाश्रय पांडे ने बताया कि पिछले दो महीनों में वेस्टर्न रेलवे के यात्री यातायात में 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. पिछले वित्त वर्ष में यह गिरावट केवल 0.2 फीसदी थी. उनका मानना है कि कुछ यात्रियों ने अब मेट्रो सेवाओं का रुख कर लिया है.