Ghaziabad News: गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले करीब 2 लाख लोगों के लिए राहत की खबर है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण यहां करीब 6 किलोमीटर लंबा आउटर रिंग रोड बनाने जा रहा है. यह सड़क राजनगर एक्सटेंशन की सोसाइटियों के आसपास से होकर सिटी फॉरेस्ट से दुहाई क्षेत्र तक जाएगी. करीब 45 मीटर चौड़ी इस सड़क के निर्माण पर लगभग 90 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है. सड़क बनने के बाद इलाके में रोजाना लगने वाले जाम से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है.

63 सोसाइटियों के लोगों को मिलेगा फायदा

राजनगर एक्सटेंशन में करीब 63 सोसाइटियां हैं, जिनमें लगभग 2 लाख लोग रहते हैं. फिलहाल यहां आनेजाने के लिए मुख्य मार्ग पर ही काफी ज्यादा निर्भरता है. यह मार्ग एक तरफ मेरठ रोड से जुड़ता है, जबकि दूसरी तरफ जीटी रोड की ओर जाता है. मेरठ, मोदीनगर, मुरादनगर, गाजियाबाद के साथसाथ दिल्ली और नोएडा की ओर आनेजाने वाले वाहन भी इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में सुबह और शाम के समय सड़क पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है और लंबा जाम लग जाता है. इसका सीधा असर राजनगर एक्सटेंशन के हजारों निवासियों पर पड़ता है.

45 मीटर चौड़ी होगी आउटर रिंग रोड

GDA ने जाम की समस्या को कम करने के लिए करीब 6 किलोमीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी आउटर रिंग रोड बनाने की योजना तैयार की है. प्राधिकरण के मुताबिक, इस सड़क का निर्माण सिटी फॉरेस्ट से शुरू होकर दुहाई तक किया जाएगा. सड़क के साथ मुख्य मार्ग के अलावा सर्विस रोड भी बनाई जाएगी. इससे आसपास रहने वाले लोगों को मुख्य सड़क पर आए बिना स्थानीय आवागमन में सुविधा मिलेगी. खास तौर पर सिटी फॉरेस्ट के पास से NPR की ओर जाने वाले लोगों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है.

टेंडर प्रक्रिया शुरू, अगस्त में होगा अगला चरण

GDA ने इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है. इच्छुक एजेंसियां और कंपनियां निर्धारित समय तक इसके लिए आवेदन कर सकती हैं. इसके बाद टेंडर प्रक्रिया के जरिए निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा. निर्माण एजेंसी का चयन होने के बाद सड़क बनाने का काम शुरू किया जाएगा. प्राधिकरण की कोशिश है कि परियोजना को निर्धारित योजना के तहत पूरा किया जाए, ताकि राजनगर एक्सटेंशन के लोगों को जल्द से जल्द जाम से राहत मिल सके.

सड़क के साथ नाला और फुटपाथ भी बनेंगे

इस परियोजना में सिर्फ सड़क का निर्माण ही नहीं किया जाएगा. आउटर रिंग रोड के साथ नाले, डिवाइडर, सीवरेज सिस्टम और फुटपाथ भी बनाए जाएंगे. इन सुविधाओं को सड़क की योजना में शामिल किया गया है. प्राधिकरण के मुताबिक, सड़क की डिजाइन इस तरह तैयार की जाएगी कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या न हो. इसके लिए ड्रेनेज की उचित व्यवस्था की जाएगी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इससे मानसून के दौरान सड़क पर पानी जमा होने और यातायात प्रभावित होने की समस्या को भी कम करने में मदद मिलेगी.

नूर नगर से शाहपुर तक कनेक्टिविटी होगी बेहतर

प्रस्तावित आउटर रिंग रोड नूर नगर, मोरटी, ऑटोर, भोवापुर और शाहपुर समेत कई इलाकों से होकर गुजरेगी. इस सड़क के बनने के बाद इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होने की उम्मीद है. फिलहाल राजनगर एक्सटेंशन का ट्रैफिक काफी हद तक सीमित मुख्य मार्गों पर निर्भर है. आउटर रिंग रोड बनने के बाद वाहनों को वैकल्पिक रास्ता मिलेगा और मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम हो सकता है.

करीब 90 करोड़ रुपए होंगे खर्च

GDA के मुताबिक, आउटर रिंग रोड के निर्माण पर करीब 90 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है. सड़क के साथ नाले, फुटपाथ, डिवाइडर और सीवरेज जैसी सुविधाएं जोड़ने के बाद परियोजना की कुल लागत करीब 91 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है. यह सड़क राजनगर एक्सटेंशन के लिए एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेगी. इसके बनने से न सिर्फ स्थानीय निवासियों को फायदा होगा, बल्कि मेरठ रोड, जीटी रोड और दिल्लीनोएडा की ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी वैकल्पिक रास्ता मिल सकेगा. उम्मीद है कि इससे राजनगर एक्सटेंशन में लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा.