उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के राजकीय सर्किट हाउस परिसर में सार्वजनिक रास्ते को बाधित कर नमाज़ अदा की गई थी. इसका वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हो गया है. यह मामला 3 सितंबर का है, जब विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव की बैठक के दौरान समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रमुख मुस्लिम विद्वान हाजी मोहम्मद उस्मान ने अपनी गाड़ी के पीछे खुले मार्ग पर नमाज पढ़ी थी.

इस पूरे मामले का वीडियो उनके समर्थक द्वारा सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था, जिसके बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई थी. हालांकि बढ़ते विवाद को देखकर वीडियो हटा लिया गया था, लेकिन तब तक मामला तूल पकड़ चुका था.

सपा नेता के खिलाफ FIR दर्ज

लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अवर अभियंता और सर्किट हाउस प्रभारी अनित कुमार की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले का त्वरित संज्ञान लिया है. थाना मझोला में सपा नेता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में FIR दर्ज की गई है. इस घटनाक्रम ने राज्य में सियासी पारे को बढ़ा दिया है.

शिकायत में क्या कहा गया

थाना मझोला में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, यह पूरी कानूनी कार्रवाई सर्किट हाउस के प्रभारी और अवर अभियंता अनित कुमार की लिखित तहरीर पर अंजाम दी गई है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह मामला 4 सितंबर 2026 की रात 10:21 बजे आधिकारिक रूप से पंजीकृत किया गया है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी सपा नेता हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता , 2023 की धारा 285 और 292 के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है.

शिकायत पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि 3 और 4 सितंबर को यूपी विधान परिषद के नेता लाल बिहारी यादव के प्रवास के लिए गोमती कक्ष और कक्ष संख्या 03 एवं 08 आरक्षित थे. उनके आगमन के चलते परिसर में लोगों की भीड़ थी, उसी दौरान मुख्य मार्ग पर चार पहिया वाहन खड़ा कर आवागमन बाधित किया गया था. इस प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए मामले की जांच उपनिरीक्षक सौरभ कुमार को सौंपी गई है.

VHP ने साधा सपा पर निशाना

इधर विश्व हिंदू परिषद ने इसे आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सपा द्वारा अपने विशेष वोट बैंक को साधने की एक सोचीसमझी कोशिश करार दिया है. VHP नेताओं ने सरकारी परिसरों के इस प्रकार के इस्तेमाल पर कड़े सवाल खड़े किए हैं, जबकि पुलिस प्रशासन अब आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटा है.

VHP की केंद्रीय प्रबंध समिति के सदस्य डॉ. राजकमल गुप्ता का आरोप है कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले यह कदम समाजवादी पार्टी द्वारा अपने समर्थकों को राजनीतिक संदेश देने का एक प्रयास है. उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी परिसरों में सार्वजनिक यातायात रोककर धार्मिक अनुष्ठान करने के पीछे क्या मंशा है.

मामले की जांच में जुटी पुलिस

इस घटना ने मुरादाबाद सहित पूरे प्रदेश के सियासी हलकों में गरमाहट पैदा कर दी है. आरोपी हाजी मोहम्मद उस्मान क्षेत्र के जानेमाने मुस्लिम स्कॉलर हैं और बिलारी से सपा विधायक हाजी मोहम्मद फहीम के सगे चाचा हैं. पूर्व में भी वो अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं. वहीं इस बार सर्किट हाउस के रास्ते पर नमाज़ अदा करने और उसका वीडियो खुद ही बनवाने के फेर में चौतरफा घिर गए हैं.