Himachal Se: Gemstone Wearing Rules: ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि हर रत्न किसी न किसी ग्रह से जुड़ा होता है और उसे सही विधि से धारण करने पर संबंधित ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। हालांकि, कई लोग बिना अधूरा जानकारी के साथ ही रत्न धारण कर लेते हैं। जबकि ज्योतिष में हर रत्न के लिए एक निश्चित दिन, मेटल और उंगली बताई गई है। आइए जानते हैं किस रत्न को किस उंगली में पहनना शुभ माना जाता है।

माणिक के लिए अनामिका उंगली
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, माणिक को सूर्य ग्रह का रत्न माना जाता है। रूबी को रविवार के दिन पहनना चाहिए। वहीं, माणिक को अनामिका यानी रिंग फिंगर में धारण करना चाहिए। माना जाता है कि रूबी को पहनने से व्यक्ति के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है। इसके साथ ही लीडरशिप स्किल और समाज में पदप्रतिष्ठा भी बढ़ती है।
मोती देता है मानसिक संतुलन
मोती चंद्र ग्रह से संबंधित रत्न माना जाता है। इसे सोमवार के दिन या चंद्रोदय के समय धारण करना शुभ माना जाता है। मोती को कनिष्ठा यानी छोटी उंगली में पहना जाता है। मान्यता है कि यह मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक सोच को मजबूत करता है।
मूंगा बढ़ाता है साहस
मूंगा मंगल ग्रह का प्रतिनिधि रत्न है। इसे मंगलवार के दिन तांबे या सोने में जड़वाकर अनामिका उंगली में पहनने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष में इसे साहस, ऊर्जा और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने वाला रत्न माना गया है।
पन्ना के लिए छोटी उंगली
हरे रंग का पन्ना बुध ग्रह का रत्न प्रतिनिधित्व करता है। इसे बुधवार के दिन धारण करना चाहिए। इसे छोटी उंगली में पहना जाता है। मान्यता है कि पन्ना बुद्धि, वाणी, व्यापार और संवाद कौशल को बेहतर बनाने में सहायक होता है।
पुखराज के लिए तर्जनी सबसे शुभ
पुखराज बृहस्पति ग्रह से जुड़ा रत्न माना जाता है। इसे गुरुवार के दिन सोने में जड़वाकर तर्जनी यानी इंडेक्स फिंगर में पहनना शुभ माना जाता है। यह रत्न ज्ञान, भाग्य, वैवाहिक सुख और आर्थिक समृद्धि से जुड़ा माना जाता है।
हीरा किस उंगली में पहनें?
हीरा सौरमंडल के सबसे सुंदर ग्रह शुक्र ग्रह का प्रतिनिधि रत्न माना जाता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसे शुक्रवार के दिन सोने या प्लैटिनम में जड़वाकर अनामिका उंगली में पहनने से शुभ फल मिलता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, यह आकर्षण, सुखसुविधाओं और वैवाहिक जीवन में सकारात्मकता से जुड़ा हुआ रत्न है।
इन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी रत्न को धारण करने से पहले उसकी उपयुक्तता की जांच करना जरूरी है। हर व्यक्ति की कुंडली और ग्रह स्थिति अलग होती है, इसलिए बिना सलाह के रत्न पहनने से बचना चाहिए। साथ ही सही दिन, धातु और उंगली का चयन करने पर ही रत्न से जुड़े लाभ मिलने की मान्यता है।



