Wednesday, February 11, 2026
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दिखावे में ना जायें, अपनी अक़्लˌ लगायें! अंगूठे को रोकिए और Reel से Real में देखिए- जो संजू ने नहीं देखा

दिखावे में ना जायें, अपनी अक़्लˌ लगायें! अंगूठे को रोकिए और Reel से Real में देखिए- जो संजू ने नहीं देखा

राजस्थान की संजू देवी की कहानी सोशल मीडिया पर फैली गलत जानकारी के खतरनाक असर की चेतावनी है. मुंह में बार-बार छाले होने पर डॉक्टर से सलाह लेने के बजाय संजू ने गूगल और रील्स पर भरोसा किया. फर्जी रील्स में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का डर दिखाया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई. डर और वहम ने उसे ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया, जिसमें उसने अपने दो मासूम बच्चों की जान ले ली.

दिखावे में ना जायें, अपनी अक़्लˌ लगायें! अंगूठे को रोकिए और Reel से Real में देखिए- जो संजू ने नहीं देखा

सोशल मीडिया की एक रील कभी हंसा देती है, कभी चौंका देती है… लेकिन अगर वही रील डर पैदा करने लगे तो अंजाम कितना खौफनाक हो सकता है, इसकी मिसाल राजस्थान से सामने आई है. यह खबर सिर्फ एक अपराध की नहीं, बल्कि एक सख़्त चेतावनी है – इंटरनेट पर दिखने वाली हर बात सच नहीं होती. बिना डॉक्टर, बिना समझ और बिना सवाल किए अगर रील्स को ही हकीकत मान लिया जाए, तो ज़िंदगी बर्बाद भी हो सकती है और दूसरों की भी ले सकती है.

राजस्थान की रहने वाली संजू देवी को रील देखने की आदत थी. फुर्सत मिलते ही मोबाइल हाथ में होता और वह घंटों रील्स स्क्रॉल करती रहती. धीरे-धीरे रील्स उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन गईं.

रील्‍स को अपना डॉक्‍टर मानने की गलती

कुछ समय से संजू के मुंह में बार-बार छाले हो रहे थे. आम लोग ऐसी हालत में डॉक्टर के पास जाते हैं, लेकिन संजू ने पहले गूगल का सहारा लिया. इंटरनेट पर कोई साफ जवाब नहीं मिला, लेकिन इसके बाद उसके मोबाइल फीड में मुंह के छालों से जुड़ी रील्स दिखने लगीं. इन रील्स में कुछ लोग बिना किसी मेडिकल जानकारी के दावा कर रहे थे कि बार-बार छाले होना कैंसर की निशानी हो सकता है. संजू ने इन बातों को सच मान लिया. यहीं से उसका डर बढ़ने लगा. उसे हर वक्त यही लगने लगा कि उसे कैंसर हो गया है और उसकी मौत तय है.

वहम ने ले ली दो मासूम बेटों की जान

डर धीरे-धीरे वहम में बदल गया. संजू सोचने लगी कि अगर वह मर गई तो उसके 6 साल के बेटे और 10 साल की बेटी का क्या होगा. यही सोच उसे अंदर से तोड़ती चली गई. न उसने किसी डॉक्टर से बात की, न परिवार से खुलकर अपनी परेशानी साझा की. एक दिन यह डर इस कदर हावी हो गया कि संजू ने अपने दोनों बच्चों को पास बैठाया और उनकी गर्दन पर कील से हमला कर दिया. जब तक दोनों बच्चों की जान नहीं चली गई, वह रुकी नहीं.

जान तो बच गई पर मिला जिंदगी भर का पछतावा

इसके बाद संजू ने अपने पति को फोन कर पूरी बात बताई और कहा कि वह भी ज़हर खाकर मरने जा रही है. पति घबरा गया और तुरंत पड़ोसियों को फोन किया. घर का दरवाज़ा अंदर से बंद था. हालात की गंभीरता को देखते हुए पड़ोसी छत के रास्ते घर में दाखिल हुए. अंदर का दृश्य दिल दहला देने वाला था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। दोनों बच्चे मृत पड़े थे और संजू ज़हर खाने के बाद बेहोश हालत में थी. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी जान बच गई. बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

सबक क्या है?

यह घटना हमें झकझोरने के लिए काफी है. सोशल मीडिया पर चल रही हर रील ज्ञान नहीं होती. व्यूज़ और लाइक्स के लिए बनाई गई फर्जी और डर फैलाने वाली रील्स लोगों की सोच बिगाड़ सकती हैं. बीमारी का इलाज रील्स में नहीं, डॉक्टर के पास होता है. इसलिए ज़रूरी है कि रील देखने से पहले सोचें, डरने से पहले जांचें और किसी भी जानकारी को सच मानने से पहले सही जगह से सलाह लें. अंगूठा चलाने से पहले दिमाग चलाइए, वरना Reel से शुरू हुआ सफर ज़िंदगी तबाह कर सकता है.

me.sumitji@gmail.com

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