Himachal Se: Bade Mangal Ke Upay: 2 जून को पांचवां बड़ा मंगल मनाया जाएगा। इस दिन को बुढ़वा मंगल के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में ज्येष्ठ महीने में पड़ने वाला मंगलवार बहुत ही महत्व रखता है। बड़े मंगल के दिन मूल नक्षत्र और शुभ योग का संयोग भी बन रहा है। इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से व्यक्ति को कई गुना अधिक शुभ फलों की प्राप्ति होगी। आपको बता दें कि ज्येष्ठ महीने में पड़ने वाले मंगलवार के दिन हनुमान जी की विशेष रूप से पूजा की जाती है। ज्येष्ठ बड़े मंगल के दिन बजरंगबली की पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है। इसके अलावा इस बड़े मंगल के दिन इन खास उपायों को करने से सभी समस्याओं का समाधान निकल जाता है। तो आइए जानते हैं कि बड़े मंगलवार के संयोग से किये जाने वाले उपायों के बारे में।

अगर भाईबहनों के साथ आपके रिश्ते में प्यार और लगाव कम हो गया है, तो बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं। साथ ही भगवान के सामने हाथ जोड़कर विनती करें।
अगर आप संतान सुख पाना चाहते हैं तो बड़े मंगल के दिन स्नान आदि के बाद एक जटा वाला नारियल और सवा मीटर लाल कपड़ा लें। अब नारियल पर उस लाल कपड़े को लपेट दें। इस प्रकार लाल कपड़े से लिपटे हुए नारियल को हनुमान जी के मंदिर में चढ़ा दें। उसके बाद मंदिर में या फिर अपने ही घर में उचित स्थान पर बैठकर हनुमानष्टक का पाठ करें।
यदि आपका बच्चा अचानक से रात को सोते समय डर जाता है या उसे दूसरे नये लोगों से मिलनेजुलने में परेशानी होती है तो बड़े मंगल के दिन आपको श्री हनुमान की उपासना करनी चाहिए। साथ ही भगवान को केसरिया सिंदूर अर्पित करना चाहिए और अपने बच्चे के माथे पर भगवान के चरणों से लिया गया सिंदूर लगाना चाहिए।
अपने घर की सुखसमृद्धि के लिये, अपने परिवार को हर बुरी नजर से बचाये रखने के लिये बड़े मंगल के दिन आपको एक छोटासा मिट्टी का बर्तन लेना चाहिए। अब उस बर्तन में शहद डालना चाहिए और उसके ऊपर ढक्कन लगाना चाहिए। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस प्रकार मिट्टी के बर्तन में शहद डालकर, उस पर ढक्कन लगाकर हनुमान जी के मंदिर में रख आयें।
अगर आप अपने परिवार की खुशियां बरकरार रखना चाहते हैं तो बड़े मंगल के दिन स्नान आदि के बाद थोड़ेसे चमेली के फूलों को इकट्ठा करें। अब उन चमेली के फूलों की माला बनाएं और हनुमान जी के मंदिर में जाकर भगवान को वो माला अर्पित करें। साथ ही अपने परिवार की खुशियों की दुआ करते हुए एक धूपबत्ती भी जलाएं।
अगर आप कर्ज के बोझ से परेशान हैं और आपसे कर्ज चुकाए नहीं चुक रहा है तो बड़े मंगल के दिन आपको स्नान आदि के बाद साफ कपड़े पहनने चाहिए। फिर घर में किसी उचित स्थान पर आसन बिछाइए और उस पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठ जाइये। आसन पर बैठने के बाद श्री हनुमान का ध्यान करते हुए ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ करें। इसके अलावा अगर आप बड़े मंगल मंगलवार के दिन अपने कर्ज की एक किश्त या एक रुपया भी लेनदार को चुकायेंगे तो आपका बाकी का कर्जा भी जल्द ही उतर जायेगा।
अगर आप अपने वैवाहिक जीवन में विश्वास कायम करना चाहते हैं, तो बड़े मंगल के दिन आपको मंदिर में गुड़ से बनी कोई चीज दान करनी चाहिए। अगर आप गुड़ से बनी किसी चीज़ का दान न कर पायें, तो केवल गुड़ का दान करें।
अगर आपके दांपत्य रिश्ते के मध्य ऊष्मा पहले की अपेक्षा कम हो गई है और आप फिर से अपने रिश्ते में एक नई ऊष्मा भरना चाहते हैं तो बड़े मंगल के दिन स्नान आदि के बाद एक मिट्टी का दीपक लेकर, उसमें चमेली का तेल भरिये और एक लाल रंग की पड़ी हुई बत्ती लगाइए। अब उस दीपक को हनुमान जी के मंदिर ले जाकर जलाइए। अगर घर से बाहर मंदिर में नहीं जा सकते तो घर में
ही हनुमान जी की तस्वीर के आगे वो दीपक जलाइए। भगवान के आगे दीपक जलाते समय अगर दोनों दंपति मौजूद हो तो और भी श्रेष्ठ है वरन् स्वयं ही दीपक जला दें। इसके साथ ही दीपक जलाने के बाद हनुमान चालीसा का पाठ भी करें।
अगर आप अपने घरपरिवार की सुखसमृद्धि को बनाये रखना चाहते हैं, तो बड़े मंगल के दिन केले का फल लेकर अपने लड़के को या अपने लड़के समान किसी अन्य बच्चे को या अपने भतीजे, दोहते या भांजे को खाने के लिये दें।
अगर आप अपने जीवन की गति को निरंतर बनाये रखना चाहते हैं, तो उसके लिये स्नान आदि के बाद साफ कपड़े पहनकर, सबसे पहले अपने इष्ट देव का ध्यान करें। फिर अपने मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं।
अगर आप अपने और अपनी संतान के स्वास्थ्य के लिये परेशान रहते हैं, तो दोनों के अच्छे स्वास्थ्य के लिये घर में कुत्ता पालें। अगर कुत्ता न पाल सकें, तो कुत्ते को रोटी खिलाएं। बड़े मंगल के दिन ऐसा करने से आपकी संतान का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। इसके अलावा अगर आपकी कोई संतान नहीं है, तो आपको जल्द ही संतान सुख की भी प्राप्ति होगी।
अगर आप जीवन में आर्थिक रूप से मिलने वाले लाभ में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, तो बड़े मंगल के दिन आपको सात बार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और पाठ करने के बाद हनुमान जी के आगे हाथ जोड़कर प्रणाम करना चाहिए।



