Himachal Se: Adhik Maas 2nd Saturday Upay: शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है। खासतौर पर अधिकमास को शनिवार के दिन शनि दोष, साढ़ेसातीढैय्या से परेशान लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। ज्योतिष के अनुसार, शनि देव बहुत धीमी गति से राशि परिवर्तन करते हैं, जिसके कारण कई राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव पड़ता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कल अधिकमास का दूसरा शनिवार है। ऐसे में कुछ विशेष उपायों से शनिदेव की कृपा प्राप्त और जीवन में चल रही परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है।

अधिकमास के दूसरे शनिवार पर करें ये खास उपाय, ढैय्या-साढ़ेसाती के बुरे प्रभावों से मिलेगी राहत​
अधिकमास के दूसरे शनिवार पर करें ये खास उपाय, ढैय्या-साढ़ेसाती के बुरे प्रभावों से मिलेगी राहत​

काली गाय की सेवा का उपाय

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार के दिन काली गाय की सेवा करना शुभ माना जाता है। इस दिन पहली रोटी गाय के लिए निकालें और उसे खिलाएं। साथ ही गाय के माथे पर सिंदूर का तिलक लगाकर सींग में मौली बांधें और मोतीचूर के लड्डू खिलाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।

बंदरों और काले कुत्ते को खिलाएं भोजन

शनिवार को बंदरों को भुने हुए काले चने खिलाना भी लाभकारी माना गया है। वहीं काले कुत्ते को तेल लगी मीठी रोटी खिलाने से भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इससे जीवन में आने वाली बाधाएं कम होती हैं और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं।

ढैय्या से राहत पाने का उपाय

अगर किसी व्यक्ति पर शनि ढैय्या चल रही है तो शुक्रवार रात काले तिल पानी में भिगो दें। शनिवार सुबह उन्हें पीसकर गुड़ मिलाएं और आठ लड्डू बनाकर काले घोड़े को खिलाएं। इस उपाय को लगातार आठ शनिवार तक करने से लाभ मिलने की मान्यता है।

साढ़ेसाती में करें ये खास उपाय

शनि की साढ़ेसाती से परेशान लोग शनिवार शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा, भैरव चालीसा और शनि चालीसा का पाठ करें। अंत में पीपल के पेड़ की सात परिक्रमा करना शुभ माना गया है।

वट और पीपल के नीचे जलाएं दीपक

शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए शनिवार सुबह स्नान के बाद वट और पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना गया है। साथ ही वहां कच्चा दूध अर्पित करने से भी सकारात्मक फल मिलने की मान्यता है।