धर्मशाला। राहुल गांधी के प्रदर्शन और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश बताते हुए कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाए जाते, लेकिन नतीजे पक्ष में न आने पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाया जाने लगता है।

 झूठ ज्यादा समय तक नहीं टिकता

अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयानों और अभियानों के जरिए देश की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झूठ ज्यादा समय तक नहीं टिकता और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर राजनीतिक फायदा हासिल करने की कोशिश सफल नहीं होगी।

दिल्ली में युवाओं और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े प्रदर्शन के संदर्भ में अनुराग ठाकुर ने विरोध दर्ज कराने के अधिकार पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान नियमों का पालन करना जरूरी

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रदर्शन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करना और जहां जरूरी हो, वहां संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेना आवश्यक है।

भाजपा सांसद के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन के नाम पर नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती। यदि निर्धारित प्रक्रियाओं का उल्लंघन होता है, तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

मतदाता सूची को लेकर बोले

चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अनुराग ठाकुर ने मतदाता सूची को व्यवस्थित रखने की आवश्यकता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सूची में मृत व्यक्तियों के नाम नहीं रहने चाहिए। इसके अलावा, जो मतदाता अपना निवास स्थान बदल चुके हैं, उनके नामों से जुड़े मामलों में भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

मतदाता सूची की शुद्धता चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसे में नामों को जोड़ने, हटाने या उनमें संशोधन करने के लिए लागू नियमों का पालन किया जाना चाहिए। अनुराग ठाकुर ने विपक्ष पर इसी मुद्दे को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाने का आरोप लगाया।

भाजपा-कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज

राहुल गांधी के प्रदर्शन, चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची को लेकर भाजपा तथा कांग्रेस के बीच राजनीतिक मतभेद लगातार सामने आ रहे हैं। कांग्रेस की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि भाजपा नेता विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक रणनीति बता रहे हैं।