
मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर गंभीर होते नजर आ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच भले ही युद्धविराम यानी सीजफायर की घोषणा हुई हो, लेकिन इजराइल और लेबनान के बीच टकराव तेजी से बढ़ रहा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर लेबनान पर हमले जारी रहे तो वह सीजफायर से पीछे हट सकता है। इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान का आरोप, इजराइल ने तोड़ा युद्धविराम का माहौल
ईरान का कहना है कि सीजफायर की घोषणा के बाद भी उस पर हमले जारी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के लवान और सीरी आइलैंड पर हमले किए गए हैं। इन घटनाओं को लेकर ईरान ने इजराइल पर सीजफायर का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया है। लेबनान पर बढ़ते इजराइली हमलों के जवाब में ईरान ने एक बड़ा कदम उठाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। यह इलाका दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक माना जाता है, इसलिए इस फैसले के अंतरराष्ट्रीय असर भी हो सकते हैं।
लेबनान सीजफायर समझौते का हिस्सा नहीं
इस पूरे विवाद के बीच व्हाइट हाउस ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर केवल इन दो देशों के बीच लागू है। इस समझौते में लेबनान शामिल नहीं है। इजराइल का भी यही कहना है कि लेबनान में सक्रिय हिज्बुल्लाह संगठन उसकी सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। इसी वजह से वहां सीजफायर की शर्तें लागू नहीं होतीं। इजराइल ने एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम का समर्थन किया है, लेकिन दूसरी तरफ लेबनान में अपने सैन्य अभियान को जारी रखा है।
14 दिनों के लिए हुआ है अमेरिका-ईरान सीजफायर
करीब 40 दिनों तक चले तनाव और सैन्य टकराव के बाद अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों का अस्थायी सीजफायर हुआ है। इस अवधि में दोनों देश एक-दूसरे पर सीधे हमले नहीं करेंगे। हालांकि इस समझौते के कुछ ही घंटों बाद ईरान की तरफ से आया सख्त बयान इस बात का संकेत दे रहा है कि क्षेत्र में शांति अभी भी नाजुक स्थिति में है।
लेबनान के राष्ट्रपति ने की इजराइली हमलों की निंदा
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजराइल की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने बेरूत और आसपास के इलाकों में हुए हवाई हमलों को बेहद विनाशकारी बताया है। उनका कहना है कि इन हमलों ने हालात को और ज्यादा अस्थिर कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार कई इमारतें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं और अस्पतालों पर भी दबाव बढ़ गया है। राहत और बचाव टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं।
बढ़ती जा रही है मौतों की संख्या
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार हालिया इजराइली हमलों में अब तक 89 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 700 लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही कूटनीतिक स्तर पर बातचीत नहीं हुई तो यह संघर्ष और बड़े क्षेत्रीय संकट में बदल सकता है।
दुनिया की नजरें मध्य पूर्व पर
मध्य पूर्व में बढ़ता यह तनाव केवल क्षेत्रीय मामला नहीं है। तेल आपूर्ति, वैश्विक राजनीति और सुरक्षा के लिहाज से भी इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सीजफायर कायम रहता है या आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ते हैं।





