आम स्वाद में शानदार है और ये कई जरूरी पोषक तत्वों से भी भरपूर है. 100 ग्राम आम की न्यूट्रिशनल वैल्यू की बात करें तो इसमें कैलोरी , कार्बोहाइड्रेट , नेचुरल शुगर , फाइबर , प्रोटीन , विटामिन सी , विटामिन ए , बीटाकैरोटीन , फोलेट , विटामिन ई , विटामिन के , पोटैशियम , मैग्नीशियम , कैल्शियम , फास्फोरस , आयरन और कॉपर होता है.

एक्सपर्ट ने क्या कहा बहुत लोग सोचते हैं कि आम सिर्फ डायबिटीज वाले लोगों को नहीं खाना चाहिए. लेकिन बात इतनी सीधी नहीं है. आम मीठा जरूर होता है, लेकिन इसमें फाइबर, विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भी अच्छी मात्रा में होते हैं. इसलिए मैं किसी को भी आम पूरी तरह छोड़ने की सलाह नहीं देता. असली बात ये है कि आपकी हेल्थ कैसी है और आप आम कितना खा रहे हैं.
डायबिटीज वाले कैसे खाएं अगर आपको डायबिटीज है, तो आम खा सकते हैं, लेकिन लिमिट में. क्योंकि एक साथ ज्यादा आम खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है. यही सलाह प्री डायबिटीज, इंसुलिन रेजिस्टेंस और मेटाबॉलिक सिंड्रोम वाले लोगों के लिए भी है. इन लोगों के शरीर को पहले से ही ब्लड शुगर कंट्रोल करने में दिक्कत होती है.
वेट लॉस वाले अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो भी थोड़ा ध्यान रखें. आम के मौसम में पता ही नहीं चलता और लोग एक साथ दो तीन आम खा लेते हैं. फिर कैलोरी और नेचुरल शुगर, दोनों बढ़ जाते हैं.
फैटी लिवर वाले इस हेल्थ प्रॉब्लम वालों को भी आम लिमिट में ही खाना चाहिए और उसे बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए. वहीं, जिन लोगों को एडवांस किडनी डिजीज है, उन्हें रोज़ आम खाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि कई बार पोटैशियम की मात्रा सीमित रखनी पड़ती है.
एलर्जी की प्रॉब्लम अगर आपको आम से एलर्जी है, तो आम बिल्कुल नहीं खाना चाहिए. बाकी लोगों को आम से डरने की जरूरत नहीं है. एक सर्विंग ताजा आम आराम से खाया जा सकता है. बस कोशिश करें कि आम का जूस, शेक या ज्यादा मीठी मिठाई बनाने की बजाय पूरा आम खाएं. अगर इसे थोड़े से नट्स या दही के साथ खाएंगे, तो मील और भी ज्यादा बैलेंस हो जाएगा.



