भारत की फिल्म इंडस्ट्री को आज एक बहुत बड़ा झटका लगा है. क्योंकि 75 साल के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर ने आज 8 अक्टूबर 2026 को दुनिया को अलविदा कह दिया. कई ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले नाना के निधन की वजह कार्डियक अरेस्ट थी. दिल की ये समस्या किसी को भी हो सकती है क्योंकि इसमें कुछ ही मिनटों में मौत हो जाती है. लेकिन एक सवाल ये भी बना हुआ है कि सालों तक चेन स्मोकिंग करना भी नाना पाटेकर के लिए मुसीबत बना? ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक नाना पाटेकर एक दिन में 60 सिगरेट पीते थे.

स्मोकिंग का ये तरीका सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. लेकिन हैरान करने वाली बात है कि उन्होंने एक सुबह अपनी इस आदत को अचानक से बायबाय कह दिया. आखिर कैसे उन्होंने चेन स्मोकिंग की लत से छुटकारा पाया, चलिए आपको बताते हैं….

कैसे लिया स्मोकिंग को छोड़ने का फैसला

बताया जाता है कि नाना पाटेकर 56 साल की उम्र तक चेन स्मोकिंग करते थे. उन्हें दिनभर में 60 सिगरेट पीने की आदत थी. लेकिन उन्होंने स्मोकिंग को छोड़ने का फैसला अचानक लिया. एक निजी वेबसाइट को उन्होंने बताया था कि 20072008 में उन्होंने सिगरेट पीना छोड़ दिया. नाना ने बताया, ये अचानक से हुआ.. मैं एक सुबह उठा और खुद से कहा और अब सिगरेट नहीं. सिगरेट न पीने की सलाह उन्होंने प्रियदर्शन को भी दी थी.

इमोशनल होने की वजह से छोड़ी सिगरेट

नाना ने साल 2015 में टाइम्स एंटरटेनमेंट को इंटरव्यू दिया. उन्होंने सिगरेट को छोड़ने की अहम वजह इमोशनल एंगल बताया. उनके दोस्त की पत्नी ने अपने इकलौते बेटे को खो दिया और उसी वक्त नाना को खांसी आ रही थी. दोस्त की पत्नी ने उनसे कहा, मुझे अभी और क्याक्या देखना है? इस बात ने उनके दिल पर गहरा असर छोड़ा और अगली सुबह नाना पाटेकर ने सिगरेट को पूरी तरह से छोड़ने का फैसला लिया.

कैसे हुई नाना पाटेकर की डेथ?

दिग्गज अभिनेता को अपने गोवा वाले घर में बेहोश पाया गया और इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें करीब 45 मिनट तकसीपीआर भी दिया गया पर सुबह करीब 5.20 पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. बताया जा रहा है कि नाना के निधन का कारण कार्डियक अरेस्ट है. महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने घोषणा की कि महाराष्ट्र सरकार अभिनेता का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करेगी. उनके अंतिम संस्कार की रस्में पुणे स्थित उनके फार्म हाउस पर शाम करीब 4 बजे होंगी.

कार्डियक अरेस्ट से बचने के लिए क्या करें

डॉ. धीरज झांब कहते हैं कि कार्डियक अरेस्ट किसी के साथ भी हो सकता है. इससे बचने के लिए सबसे पहला और बहुत जरूरी कदम हेल्थ चेकअप और हार्ट से जुड़ी जानें और हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क में रहना है.

उनके मुताबिक कभीकभी दिल का दौरा पड़ने से पहले दिल की बीमारी के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं हो सकते हैं. 70 साल की उम्र के बाद कोरोनरी धमनी रोग, अनकंट्रोल हार्ट रेट, हाई बीपी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. किसी भी अजीब लक्षण के बारे में डॉक्टरों से सलाह लें.