Pune News: महाराष्ट्र के पुणे में दो मादा तेदुओं को गर्भनिरोधक वैक्सीन लगाई गई. देश में ऐसा पहली बार किया गया. पुणे के जुन्नार इलाके में दो मादा तेंदुओं को गर्भनिरोधक वैक्सीन लगाई गई. तेंदुओ की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए यह टीकाकरण ‘इम्यूनोकॉन्ट्रासेप्शन’ तकनीक से किया गया. इम्यूनोकंट्रासेप्शन तकनीक में एक वैक्सीन दी जाती है, जो इम्यून रिस्पॉन्स को ट्रिगर करती है.

इससे जानवर कुछ समय के लिए इनफर्टाइल हो जाता है. यह प्रेग्नेंसी से लंबे समय तक सुरक्षा देती है. टीका लगाने के बाद दोनों मादा तेंदुओं को उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया. वैक्सीन लगने के बाद अब मादा तेंदुओं में क्या हार्मोनल बदलाव होता है और सेहत पर क्या प्रभाव पड़ता है, इसका अध्ययन किया जाएगा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मुबई के आईसीएमआर लैब में ब्लड सेंपल की जांच होगी.

महाराष्ट्र के चुनावों में बना था बड़ा मुद्दा

अधिकारियों ने बताया कि रिसर्चर ब्लड सैंपल को एनालाइज करेंगे, ताकि हार्मोनल बदलावों पर नजर रखी जा सके और तेंदुओं पर वैक्सीन के लंबे समय तक चलने वाले असर का पता लगाया जा सके. 2024 में महाराष्ट्र के चुनावों के दौरान इंसानतेंदुए का टकराव एक बड़ा मुद्दा बन गया था. खासकर पुणे जिले के घनी खेती वाले, गन्ना उगाने वाले इलाकों में.

जुन्नार, अंबेगांव, शिरुर और खेड़ जैसे तालुकाओं में, उम्मीदवारों ने चुनाव जीतने पर इंसानतेंदुए का टकराव कम करने के लिए कदम उठाने का वादा किया था. साल 2000 से 2025 के बीच, अकेले जुन्नार फॉरेस्ट डिवीजन में तेंदुए के हमलों में 56 लोग मारे गए. यह पायलट प्रोजेक्ट अगस्त 2025 में महाराष्ट्र के उस समय के वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के दिए गए निर्देश के बाद शुरू किया गया है.

वन विभाग को मिला था एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश

इसमें वन विभाग को तेंदुओं के स्टेरिलाइजेशन के लिए एक एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया था. अप्रैल 2026 में, विभाग ने ऑब्जर्वेशन के लिए पांच मादा तेंदुओं को चुना.अफ्रीका में पीजेडपी वैक्सीन का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जा चुका है. यहां जेब्रा की बढ़ती संख्या नियंत्रित करने के लिए पीजेडपी वैक्सीन का इस्तेमाल किया गया था.