Share Market Rally: भारतीय शेयर बाजार में आज 5 नवंबर 2026 को कारोबार के दौरान रिकॉर्डतोड़ तेजी देखने को मिल रही है. दिवाली से पहले ही दलाल स्ट्रीट पर जश्न का माहौल बन गया है. सेंसेक्स ने रॉकेट जैसी छलांग लगाते हुए 2,078.35 अंकों की जबरदस्त बढ़त दर्ज की है. इस उछाल के साथ सेंसेक्स 79,379.75 के स्तर पर पहुंच गया है. जिससे महज 5 घंटे में निवेशको की दौलत 8 लाख करोड़ बढ़ गई है. वहीं निफ्टी भी शानदार मजबूती के साथ 24,557.80 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. सुबह से ही गिफ्ट निफ्टी में 300 अंकों से ज्यादा की बढ़त दिख रही थी. इसी वजह से बाजार खुलते ही निफ्टी को 24,300 का स्तर पार करने में आसानी हुई.

पूरे 542 दिनों के बाद शेयर बाजार में करीब 2,000 अंकों की इतनी बड़ी तूफानी तेजी देखी गई है. इससे पहले पिछले साल 12 मई 2025 को सेंसेक्स रिकॉर्ड 2,975.43 अंक उछला था. उस समय भारतपाकिस्तान के बीच अचानक हुए सीजफायर समझौते से तनाव खत्म हुआ था. साथ ही अमेरिकाचीन के बीच ट्रेड डील को लेकर दुनिया भर में सकारात्मक माहौल बना था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आज की ये नई तेजी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों के अलावा कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के दम पर आई है.

अमेरिकी चुनाव नतीजों के साथ कच्चे तेल ने दिया बड़ा सहारा

बाजार की इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा हाथ ग्लोबल संकेतों का है. अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा के साथ सीनेट दोनों में जीत दर्ज की है. इन नतीजों से वाशिंगटन में राजनीतिक अनिश्चितता खत्म हो गई है. इसके बाद अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट पर 44 साल की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गई. डाउ जोंस 3.03% , एसएंडपी 500 1.58% के अलावा नैस्डैक 1.44% उछलकर बंद हुआ. इसी ग्लोबल संकेत का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा.

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए दूसरी सबसे बड़ी राहत कच्चे तेल के मोर्चे पर आई है. चुनाव नतीजों के बाद अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेटिक नेताओं ने पश्चिम एशिया में शांति बातचीत तेज करने के बयान दिए हैं. इसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें 9% तक टूटकर 94.12 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं. भारत अपनी जरूरत का 85% क्रूड ऑयल बाहर से खरीदता है. ऐसे में तेल सस्ता होने से देश के आयात बिल, चालू खाता घाटे के साथ महंगाई को काबू करने में सीधी मदद मिलती है.

विदेशी निवेशकों की वापसी से बैंकिंग शेयरों में बंपर खरीदारी

डॉलर इंडेक्स में नरमी के अलावा अमेरिकी 10वर्षीय बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बाद विदेशी संस्थागत निवेशक भारत जैसे बाजारों की तरफ तेजी से लौट रहे हैं. बीते कारोबारी सत्र में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में 7,284 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की है. इस चौतरफा पैसे के आने से निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ है.

इस ऐतिहासिक तेजी में बैंकिंग के साथ फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों ने सबसे आगे रहकर बाजार को संभाला है. निफ्टी बैंक 1,516 अंकों के भारी उछाल के साथ 57,429.65 के नए शिखर पर पहुंच गया है. वहीं बैंकेक्स में भी 2.85% की जोरदार तेजी है. निफ्टी आईटी 1.80% बढ़कर 32,639 के स्तर पर पहुंच गया है. मिडकैप इंडेक्स में भी 1.42% की मजबूत खरीदारी हुई है. रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक के अलावा एक्सिस बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में हुई खरीदारी ने अकेले इंडेक्स को 1,300 अंक से ऊपर धकेल दिया.

आगे कैसी रहेगी बाजार की चाल

बाजार की इस तूफानी रफ्तार पर एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. ने अपनी राय दी है. उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट से भारतीय शेयर बाजार को बड़ा सहारा मिला है. हालांकि, बाजार आगे किस दिशा में जाएगा, ये दो मुख्य बातों पर निर्भर करेगा. पहला ये कि विदेशी निवेशकों का पैसा आना कितना टिकाऊ रहता है. दूसरा ये कि कच्चे तेल का भाव 95 डॉलर के नीचे बना रहता है या नहीं.

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