Side Effects Of Giloy: आयुर्वेद में कई ऐसी चीजों का वर्णन है, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। लेकिन इन चीजों का इस्तेमाल बिना डॉक्टरी सलाह के करना नुकसानदायक हो सकता है।

इन्हीं में से एक है गिलोय। गिलोय का बुखार से लेकर इम्युनिटी को बढ़ाने तक में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा सेवन सेहत प बुरा असर डाल सकती है।

क्या है गिलोय?

गिलोय को अमृता या गुड़ुची भी कहा जाता है, यह एक औषधीय बेल है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करती है। गिलोय के पत्ते दिल के आकार के होते हैं और देखने में पान के पत्तों जैसे लगते हैं। आयुर्वेद में इस पौधे के सभी हिस्सों का उपयोग किया जाता है, लेकिन इसकी डंठल को सबसे अधिक गुणकारी माना जाता है।

बिना डॉक्टर की सलाह के गिलोय का सेवन हो सकता है नुकसानदायक

हालांकि, अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ लिवर डिजीज की आधिकारिक पत्रिका हेपेटोलॉजी कम्युनिकेशंस में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, बिना डॉक्टर की सलाह और निगरानी के गिलोय का सेवन करने से लिवर समेत कई अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जांच में पाया गया कि सभी मरीज क्रॉनिक लिवर डिजीज या लिवर फेलियर से पीड़ित थे।

अधिक मात्रा में गिलोय का सेवन करने से शरीर में एंटीन्यूक्लियर एंटी बॉडीज बनने लगती है। ये लिवर की कोशिकाओं पर हमला करते हैं और एक्यूट हेपेटाइटिस तथा ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस जैसे लक्षण दिखने लगते हैं।

डॉक्टर की सलाह से करें गिलोय का सेवन

विशेषज्ञों का कहना है कि सीमित मात्रा में और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार गिलोय का सेवन करने से यह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।

  • आर्थराइटिस में लाभदायक हो सकती है।
  • इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी और बुखार कम करने के गुण पाए जाते हैं।
  • यह डायबिटीज और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में सहायक है।
  • हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार मानी होती है।
  • इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं।

गिलोय के अधिक सेवन से होने वाले नुकसान

  • कब्ज की समस्या
  • ब्लड शुगर कम होना
  • गर्भवती महिलाओं को गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं बढ़ सकती हैं।