Moradabad factory fire: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद कोतवाली इलाके के सागर सराय कृष्णा कॉलोनी में देर रात उस समय अफरातफरी मच गई, जब मयूर इंटरनेशनल नामक एक मोमबत्ती फैक्ट्रीकमगोडाउन में अचानक भीषण आग लग गई. यहां देखते ही देखते आग की ऊंची लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के रिहाइशी मकानों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया. संकरा इलाका होने के कारण बचाव कार्य में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

आग लगने घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला और पुलिस प्रशासन तुरंत ग्राउंड जीरो पर पहुंचा था. एहतियात के तौर पर आसपास के कई मकानों को तुरंत खाली करा लिया गया था. आग की विभीषिका को देखते हुए मुरादाबाद मंडल के कई जिलों से अतिरिक्त दमकल गाड़ियां बुलाई गईं थी. एसएसपी ने बताया मौके पर 16 से अधिक फायर टेंडर्स और फोम टेंडर्स की मदद से दमकल कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पाया. लेकिन अभी भी आग पूरी तरह नहीं बुझी है.

पुलिस अधीक्षक ने क्या कहा?

गनीमत यह रही कि समय रहते प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए कदमों के कारण इस बड़े हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है. हालांकि, बेसमेंट और परिसर में काफी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है, जहां स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने के प्रयास जारी रहे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि देर रात लगभग 12:55 बजे थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एक ही परिसर में संचालित घर, गोडाउन और फैक्ट्री में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी.

पुलिस प्रशासन कर रहा है जांच

सूचना मिलते ही प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर रणनीति के तहत फायर और फोम टेंडर्स के जरिए सभी संभावित दिशाओं से आग बुझाने का काम शुरू कराया गया. उन्होंने बताया कि प्राथमिक रूप से स्थानीय लोगों द्वारा शॉर्ट सर्किट को आग का कारण बताया गया है, एक ही जगह पर मकान, गोदाम और फैक्ट्री संचालित होने की वजह से आग पर नियंत्रण पाने में चुनौतियां आईं. हालांकि, आसपास के मकानों को सुरक्षित रखने का पूरा प्रयास किया गया, फिर भी कुछ मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है. पुलिस प्रशासन आग के सटीक कारणों की जांच कर रहा है.

जिलाधिकारी ने क्या बताया?

वहीं जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने मौके का मुआयना करने के बाद बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पूरी प्रशासनिक टीम और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। डीएम ने कहा कि प्राथमिक दृष्टि में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत होता है. घनी आबादी और संकरे रास्ते होने के बावजूद फायर ब्रिगेड की 16 से ज्यादा गाड़ियों ने मुस्तैदी से काम करते हुए आग को और ज्यादा फैलने से रोक लिया है.

जिलाधिकारी बताया कि सबसे राहत की बात यह रही कि समय रहते आसपास के मकानों को खाली करा लिया गया था, जिससे किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई है, दमकल कर्मियों द्वारा बेसमेंट में बची आग को पूरी तरह बुझाने और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए निरंतर काम किया जा रहा है.