Patna Triple Encounter: पटना में पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार मर्डर केस में पुलिस ने तीन बदमाशों का एनकाउंटर कर दिया है. इसी बीच, मृतकों के परिवार ने इस ट्रिपल एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं. पुलिस मुठभेड़ में मारे गए जेपी यादव के भाई राम आशीष यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि उनके भाई का संजीत हत्याकांड से कोई लेनादेना नहीं था.

राम आशीष यादव के मुताबिक, इस मामले में जिन तीन लोगों का एनकाउंटर किया गया, उनके नाम हत्याकांड में नहीं थे. इसके बावजूद पुलिस ने गलत कार्रवाई करते हुए उनकी जान ले ली. राम आशीष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई की सच्चाई सामने आनी चाहिए. आखिर किस आधार पर उनके भाई को अपराधी बताया गया और उसे गोली मार दी गई? इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए.

अस्पताल पहुंचीं मीसा भारती

जेपी यादव की मौत के बाद अस्पताल में परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई. इसी दौरान राजद सांसद मीसा भारती भी अस्पताल पहुंचीं और मृतक के परिजनों से मुलाकात की. मीसा भारती के पहुंचते ही लोगों ने उन्हें घेर लिया और पुलिस मुठभेड़ पर सवाल उठाने लगे. भीड़ में मौजूद लोगों ने एनकाउंटर की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पुलिस को गोली मारनी होती है तो पैर में गोली मारती है, सीने में नहीं.

शेरपुर गंगा नदी इलाके में हुई थी मुठभेड़

शुक्रवार की अहले सुबह पटना के मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर गंगा नदी इलाके में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. करीब तीन बजे हुई इस मुठभेड़ में पुलिस ने तीन अपराधियों को मार गिराया था. वहीं, मनेर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार के बाएं हाथ में गोली लगी थी. उन्हें इलाज के लिए पटना भेजा गया.

मारे गए अपराधियों की पहचान जेपी यादव, सूरज कुमार उर्फ राजा शर्मा और बबलू कुमार के रूप में हुई. पुलिस के अनुसार, तीनों व्यापुर के पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भोलू हत्याकांड में शामिल थे.

पुलिस ने जेपी यादव को बताया था मुख्य साजिशकर्ता

पटना एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया था कि तीनों अपराधी पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड में शामिल थे. पुलिस के मुताबिक, बबलू कुमार और सूरज कुमार ने शूटर की भूमिका निभाई थी, जबकि जेपी यादव इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता था.

मुठभेड़ स्थल से दो पिस्तौल, एक देसी कट्टा और कई खोखे बरामद किए गए थे. फिलहाल तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। एक तरफ पुलिस तीनों को पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड का आरोपी बता रही है, वहीं जेपी यादव के परिजन इस दावे को खारिज कर रहे हैं. ऐसे में अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और पुलिस मुठभेड़ की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं.