Wednesday, January 21, 2026
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Jeffrey Epstein Files के पत्र में ट्रंप का नाम आने पर विवाद, अमेरिकी न्याय विभाग ने पत्र को बताया 'फर्जी'

जेफरी एपस्टीन की फाइलों से सामने आए एक नए पत्र ने अमेरिकी राजनीति में हलचल मचा दी है। इस पत्र में तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का परोक्ष रूप से जिक्र किया गया है, जिसे अब अमेरिकी न्याय विभाग ने पूरी तरह से फर्जी करार दिया है।

क्या है पूरा विवाद?

सामने आए एक हस्तलिखित पत्र में दावा किया गया था कि एपस्टीन ने साल 2019 में यौन अपराधी लैरी नासर को एक संदेश लिखा था। इस पत्र में एपस्टीन ने ‘युवा लड़कियों के प्रति प्यार’ की बात की थी और लिखा था कि हमारे राष्ट्रपति भी युवा, आकर्षक लड़कियों के प्रति हमारे प्यार को साझा करते हैं। चूंकि यह पत्र अगस्त 2019 का बताया जा रहा है जब डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति थे, इसलिए विपक्ष और सोशल मीडिया पर इसे लेकर ट्रंप की आलोचना शुरू हो गई।
 

न्याय विभाग की सफाई

विवाद बढ़ता देख अमेरिकी न्याय विभाग और एफबीआई ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि यह पत्र पूरी तरह नकली है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। विभाग ने इसके पीछे कई कारण बताते हुए एक्स पर लिखा, ‘पत्र पर पोस्ट ऑफिस की मुहर एपस्टीन की मौत के तीन दिन बाद की है। पत्र वर्जीनिया से मेल किया गया था, जबकि एपस्टीन उस समय न्यूयॉर्क की जेल में बंद था। पत्र पर वापसी का पता और कैदी नंबर जैसी जरूरी जानकारी गायब है।’
न्याय विभाग ने आगे लिखा, ‘सिर्फ इसलिए कि कोई दस्तावेज विभाग द्वारा जारी फाइलों में शामिल है, इसका मतलब यह नहीं है कि उसके अंदर किए गए दावे सच हैं।’

डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया

डोनाल्ड ट्रंप ने इन फाइलों के सार्वजनिक होने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि वे इन दस्तावेजों को जारी करने के पक्ष में नहीं थे, क्योंकि इससे उन निर्दोष लोगों की साख खराब होने का डर है जो सालों पहले सामान्य तौर पर एपस्टीन से मिले थे।

कौन था जेफरी एपस्टीन?

जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी अरबपति था जिस पर नाबालिग लड़कियों की सेक्स ट्रैफिकिंग का गंभीर आरोप था। अगस्त 2019 में जेल के अंदर उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या माना गया।

me.sumitji@gmail.com

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