Himachal Se: अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव की मौत का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। मानवाधिकार के लिए काम करने वाली NGO ने शिकायत की है। प्रतीक यादव की संदिग्ध मौत को हत्या बताकर NHRC में शिकायत की गई है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। प्रतीक यादव की संदिग्ध मृत्यु मामले में NHRC से स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।

शरीर पर पाए गए चोट के निशान
याचिका में कहा गया है कि प्रारंभिक तौर पर मृत्यु का कारण हृदय गति रुकना बताया जा रहा है, लेकिन मृतक के शरीर पर पाए गए चोट के निशान और घटना की अचानक प्रकृति कई गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रतीक यादव एक स्वस्थ जीवनशैली के लिए जाने जाते थे, ऐसे में उनकी अचानक मृत्यु और शरीर पर मौजूद संदिग्ध निशानों की निष्पक्ष जांच अनिवार्य है।
इन तीन चीजों की उठी मांग
- मामले की जांच के लिए तत्काल SIT का गठन हो।
- लखनऊ के सिविल अस्पताल और संबंधित रूट के सीसीटीवी फुटेज को न्यायिक अभिरक्षा में लिया जाए।
- फॉरेंसिक जांच को राज्य के प्रभाव से मुक्त रखकर केंद्रीय प्रयोगशाला के माध्यम से कराया जाए।



