मादा कॉकरोच को अपनी भावी पीढ़ी को जन्म देने के लिए किसी भी नर कॉकरोच के संपर्क में आने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं पड़ती है. यदि किसी विशेष माहौल या संकट के समय आसपास नर कॉकरोच मौजूद न हों, तो मादा के भीतर मौजूद अंडे खुद-ब-खुद निषेचित होने की क्षमता विकसित कर लेते हैं और वह अकेले ही नए बच्चों को जन्म दे देती है. जब कई मादा कॉकरोच एक साथ किसी समूह या झुंड में रहती हैं, तो उनके भीतर बिना नर के भी अंडे देने की यह क्षमता और ज्यादा तीव्र हो जाती है. दरअसल बिना पार्टनर के साथ संबंध बनाए बच्चे पैदा करने की प्राकृतिक प्रक्रिया को ‘पार्थेनोजेनेसिस’ कहा जाता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस प्रक्रिया में मादा को नर की जरूरत नहीं होती है. 

कोमोडो ड्रैगन (Komodo Dragon)

दुनिया की इस सबसे विशालकाय छिपकली की मादा प्रजाति को प्रसव के लिए किसी नर साथी की जरूरत नहीं पड़ती है. यह बिना किसी संपर्क के अकेले ही अपने अंडों को निषेचित कर बच्चों को जन्म दे देती है. 

शार्क (Sharks)

समुद्र की गहराई में रहने वाली हैमरहेड और बोनेटहेड जैसी शार्क की कुछ विशेष प्रजातियों में विज्ञान ने ‘वर्जिन बर्थ’ यानी बिना नर के जन्म देने की अद्भुत घटना को दर्ज किया है. 

छिपकलियां (Lizards)

न्यू मेक्सिको व्हिपटेल नाम की छिपकली की पूरी आबादी में सिर्फ मादाएं ही पाई जाती हैं. ये अनोखे जीव बिना किसी नर के हस्तक्षेप के सीधे अपने ही क्लोन तैयार कर प्रजनन कर लेते हैं. 

कीड़े-मकोड़े (Insects)

प्रकृति में मौजूद मधुमक्खियां, चींटियां, एफिड्स और जल पिस्सू यानी डैफनिया जैसे छोटे कीट बिना किसी शारीरिक संबंध के बेहद सफलतापूर्वक अपनी आबादी को बढ़ाने की क्षमता रखते हैं.

समुद्री जीव (Marine Creatures)

महासागरों में पाई जाने वाली स्टारफिश और रीढ़ की हड्डी के बिना जीने वाले कई अन्य अकशेरुकी समुद्री जीव अलैंगिक प्रजनन तकनीक के जरिए बिना संबंध बनाए अपनी नई संतानें पैदा कर लेते हैं.