Wednesday, April 8, 2026
Politics

युद्ध के बीच चीन का बड़ा एक्शन! पूरी दुनिया हैरान!

युद्ध के बीच चीन का बड़ा एक्शन! पूरी दुनिया हैरान!
मिडिल ईस्ट में जंग अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। एक तरफ अमेरिका इजराइल ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं तो दूसरी तरफ ईरान भी जवाबी कारवाही में पीछे नहीं है। लेकिन इसी वैश्विक तनाव के बीच चीन का एक नया खतरा सिर उठा रहा है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ती जंग के बीच चीन की गतिविधियों ने एशिया प्रशांत क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है। चीन ने अचानक अपने पूर्वी तट के पास सबसे बड़े हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। यह कोई सामान्य कदम नहीं है। आमतौर पर ऐसे प्रतिबंध कुछ दिनों के सैन्य अभ्यास के लिए लगाए जाते हैं। दुनिया को परेशान कर रहा है क्योंकि चीन ने अचानक 40 दिनों के लिए एयर स्पेस बंद कर दिया है। यह प्रतिबंध येलो सी और ईस्ट चाइना सी के हिस्से में लगाया गया है जो करीब 25,900 वर्ग किमी.बताया जा रहा है। 

6 मई तक लागू यह नोटम अलर्ट किसी बड़े सैन्य अभ्यास या रणनीतिक तैयारी की ओर इशारा कर रहा है। एक तरफ ड्रैगन ने अचानक एयरस्पेस को बंद कर दिया तो दूसरी तरफ ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि चीन के फाइटर जेट्स, युद्धपोत और जहाज ताइवान के आसपास एक्टिव हो गए हैं। दावा किया गया कि चीन के विमान मीडियन लाइन पार कर ताइवान के एयर डिफेंस ज़ोन में घुस चुके हैं। जिसे देखते हुए ताइवान की सेना हाई अलर्ट पर है और हर गतिविधि पर नजर रख रही है। ताइवान को भी पता है कि यह सिर्फ एक सैन्य अभ्यास नहीं हो सकता। इतने बड़े पैमाने पर हवाई क्षेत्र को रिजर्व करना संयुक्त सैन्य ऑपरेशन, मिसाइल टेस्टिंग और युद्ध तैयारी का संकेत हो सकता है। क्योंकि चीन की एयरफोर्स, नेवी और मिसाइल फोर्स का एक साथ अभ्यास में जुटना कोई आम बात नहीं। एक तरफ अमेरिका मिडिल ईस्ट में उलझा हुआ है। ईरान से उसे कड़ी टक्कर मिल रही है।

यही वजह है कि अमेरिका ने पूरा फोकस मिडिल ईस्ट की तरफ लगा दिया है। इसी मौके का फायदा उठाकर चीन ताइवान पर दबाव बढ़ा रहा है। ऐसा इसीलिए क्योंकि चीन पहले ही 2027 तक ताइवान पर नियंत्रण का लक्ष्य जाहिर कर चुका है। इसी को देखते हुए ताइवान भी तैयारी में जुटा है। लगातार अपना रक्षा बजट बढ़ाता जा रहा है। सैन्य सेवाएं बढ़ाई जा रही हैं और अमेरिका से हथियार खरीदने की योजना पर काम हो रहा है। मिडिल ईस्ट जंग के बीच अगर चीन ने ताइवान पर हमला कर दिया तो एक और नया मोर्चा खुल जाएगा। चीन कहता है कि ताइवान उसी का हिस्सा है और यह उसकी सरकारी नीति का हिस्सा है। जबकि ताइवान खुद को एक अलग देश मानता है और उसकी अपनी सरकार, अपनी सेना, अपनी अर्थव्यवस्था है। यानी वो अपने तरीके से चलता है। यह मुद्दा दुनिया भर में विवाद बना हुआ है कि कौन सही है और कौन गलत। इस पर अलग-अलग देशों की अलग-अलग राय है। फिलहाल चीन ने अपने इरादों पर चुप्पी साध रखी है। 
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