Himachal Se: Child Born In Adhik Maas: अधिक मास में जब भी किसी बच्चे का जन्म होता है तो ज्यादातर मातापिता के मन में ये सवाल जरूर आता है कि क्या इस महीने में जन्मे बच्चे शुभ होते हैं? इसे लेकर लोग इसलिए भी दुविधा में रहते हैं क्योंकि ये महीना मांगलिक कार्यों को करने के लिए अशुभ होता है। तो आपको बता दें कि भले ही इस दौरान शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किये जाते लेकिन फिर भी ये महीना सबसे पावन और शुभ माना जाता है। इसी कारण से इस महीने में जपतप, दानपुण्य इत्यादि कार्य करने का फल बाकी महीनों की तुलना में कई अधिक प्राप्त होता है। चलिए अब आपको बताते हैं इस महीने में जन्मे बच्चे कैसे होते हैं।

अधिक मास में जन्मे बच्चे कैसे होते हैं?
- अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और ये नाम खुद भगवान कृष्ण ने इसे दिया था। यही कारण है कि अधिक मास में जन्मे बच्चों पर भगवान कृष्ण की विशेष कृपा सदैव बनी रहती है।
- ये महीना धार्मिक कार्यों के लिए बेहद उत्तम माना जाता है, इसलिए इस महीने में जन्मे बच्चे बेहद धार्मिक स्वभाव के होते हैं।
- इन बच्चों का दिमाग काफी तेज होता है। ये कोई भी चीज बहुत जल्दी सीख लेते हैं और पढ़ाईलिखाई में हमेशा आगे रहते हैं।
- इस महीने में पैदा हुए बच्चों का स्वभाव आमतौर पर शांत, गंभीर और सुलझा हुआ होता है।
- ये बेवजह के विवादों से दूर रहते हैं और अपने काम से काम रखते हैं।
- इतना ही नहीं ऐसे बच्चे अपने परिवार के लिए भी भाग्यशाली साबित होते हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं।
- इनके जन्म के बाद से ही इनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होने लगता है।
- ये अपनी तेज बुद्धि और कड़ी मेहनत के दम पर जीवन में खूब मानसम्मान और पैसा कमाते हैं।
- ये बच्चे बेहद दयालु स्वभाव के होते हैं और इनके अंदर मदद की भावना कूटकूट कर भरी होती है।
- ये समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाते हैं।



