Himachal Se: Vrishabh Sankranti 2026: सूर्य ग्रह जिस दिन एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं उस दिन को संक्रांति के नाम से जाना जाता है। 15 मई के दिन सूर्य वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे और इस दिन वृषभ संक्रांति मनाई जाएगी। वृषभ संक्रांति पर सूर्य की उपासना करने से और पवित्र नदियों में स्नान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन आपको सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने के लिए कुछ मंत्रों का जप भी जरूर करना चाहिए। आज हम आपको इन्हीं मंत्रों के बारे में जानकारी देंगे।

15 मई को वृषभ संक्रांति के दिन करें 5 मंत्रों का जप, सूर्य देव के आशीर्वाद से मनोकामनाएं होंगी पूरी​
15 मई को वृषभ संक्रांति के दिन करें 5 मंत्रों का जप, सूर्य देव के आशीर्वाद से मनोकामनाएं होंगी पूरी​

1. मनोकामनापूर्ति मंत्र

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय
मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा॥

सूर्य ग्रह के इस मंत्र का जप करने से आपकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। वृषभ संक्रांति के दिन सुबह स्नानध्यान के बाद आप इस मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें। इसके बाद सूर्यास्त के समय भी आपको इस मंत्र का जप करना चाहिए।

2. सूर्य ग्रह का मूल मंत्र

ॐ घृणिसूर्याय नमः।

सूर्य ऊर्जा के कारक ग्रह हैं। वहीं सूर्य ग्रह के मूल मंत्र का जप करने से आपको भी ऊर्जा और ज्ञान की प्राप्ति होती है। इस सरल मंत्र का जप करने से आपके जीवन की नकारात्मकता दूर होती है। आपका आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन के हर क्षेत्र में आप सफलता पाते हैं।

3. आरोग्य मंत्र

ॐ नमः सूर्याय शान्ताय सर्वरोगनिवारिणे।
आयुरारोग्यमैश्वर्यं देहि देव जगत्पते॥

सूर्य ग्रह के इस मंत्र का जप करने से आपको आरोग्य की प्राप्ति होती है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वृषभ संक्रांति के दिन अगर आप इस मंत्र का जप करें तो बड़े से बड़ा रोग दूर हो सकता है। इस मंत्र का उच्चारण करने से आपके साथ ही परिवार के लोगों के स्वास्थ्य में भी अच्छे बदलाव आते हैं।

4. सूर्य ग्रह का बीज मंत्र

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।

सूर्य के बीज मंत्र का जप करने से आपके जीवन में कभी नकारात्मकता नहीं आती। इस मंत्र का जप आपको मानसिक बल देता है और आपके निर्णय लेने की क्षमता अच्छी होती है।

5. सूर्य गायत्री मंत्र

ॐ आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि, तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्।

सूर्य गायत्री मंत्र का जप करने से आपको जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। साथ ही यह मंत्र बुद्धि और तेज भी आपको प्रदान करता है। इस मंत्र का जप करने से आपको आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त होती है।