Crude Oil Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी देखने को मिली. मिडिल ईस्ट में जो युद्ध चल रहा है, उसके सुलझने की थोड़ी उम्मीद जगी है. इसी वजह से तेल की सप्लाई रुकने का डर कुछ कम हुआ. हालांकि, ब्रेंट क्रूड अब भी अपने छह महीने के सबसे ऊंचे स्तर के करीब बना हुआ है. इसकी बड़ी वजह सऊदी अरब पर हुए ताजा हमले हैं, जिन्होंने इस इलाके में तुरंत शांति लौटने की उम्मीदों को झटका दिया है. मंगलवार को सुबह 8 बजे के करीब ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1 डॉलर यानी 0.94 फीसदी गिरकर 114.72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 93 सेंट्स या 0.92 फीसदी की गिरावट के साथ 100.83 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.

तेहरान की मीटिंग ने बदला खेल

तेल की कीमतों में ये गिरावट सोमवार को हुई एक बड़ी कूटनीतिक पहल के बाद आई है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए सऊदी अरब, तुर्की, पाकिस्तान ने सोमवार को तेहरान में ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत की. सऊदी अरब का कहना है कि इस दौरे का मकसद बातचीत के रास्ते खुले रखना है, ताकि सैन्य तनाव को दोबारा बढ़ने से रोका जा सके. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, इन चारों देशों ने शांति से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के लिए आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। विवाद सुलझने की इसी उम्मीद ने बाजार से सप्लाई रुकने का डर थोड़ा कम किया, जिससे कीमतों पर नीचे आने का दबाव बना.

हूती विद्रोहियों के हमले से शांति की उम्मीदें कमजोर

कूटनीतिक स्तर पर भले ही बातचीत चल रही हो, लेकिन जमीन पर हालात अब भी नाजुक हैं. तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट इसलिए नहीं आई क्योंकि शांति की गुंजाइश अभी काफी कमजोर दिख रही है. ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने प्रमुख तेल उत्पादक देश सऊदी अरब पर फिर से हमले शुरू कर दिए हैं. इन हमलों ने बाजार की चिंता को जिंदा रखा है.

होर्मुज जलडमरूमध्य बना संकट का केंद्र

इस पूरे युद्ध का असर मिडिल ईस्ट के बाहर भी दिख रहा है. होर्मुज जलडमरूमध्य इस पूरे बवाल के केंद्र में आ गया है. फरवरी में ये जंग शुरू होने से पहले, इस संकरे समुद्री रास्ते से दुनिया की लगभग पांचवें हिस्से की एनर्जी सप्लाई गुजरती थी.

वाशिंगटन के एक थिंक टैंक के आंकड़ों के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य या उसके आसपास के समुद्री रास्तों में व्यापारिक जहाजों पर हमलों के मामले में अक्टूबर का महीना सबसे खराब रहा है. ये संस्था 2017 से दुनिया भर में समुद्री सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं पर नजर रख रही है. पिछले हफ्ते इस इलाके में टैंकरों पर ईरानी हमलों की बाढ़ आ गई थी. इसके बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतें 117 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं, जो अप्रैल के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था. सोमवार को भी ब्रेंट ने 117 डॉलर के स्तर को छुआ था.

रूस ने बढ़ाया डीजल का उत्पादन

एक तरफ मिडिल ईस्ट के संकट ने तेल बाजार को उलझा रखा है, तो दूसरी तरफ रूस से एक अलग खबर आई है. मामले से जुड़े दो इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक, रूसी रिफाइनरियां अक्टूबर में डीजल का उत्पादन बढ़ा रही हैं. क्रेमलिन का अमेरिका के साथ सप्लाई को लेकर एक समझौता हुआ है. इस समझौते के बाद रूसी सरकार ने एक्सपोर्ट कोटा को मंजूरी दे दी है, जिसके चलते वहां उत्पादन तेज किया गया है.