Saharanpur Iqra Hasan: के में शनिवार सुबह कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कलेक्ट्रेट परिसर के पांचों गेट बंद कर दिए गए और बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी गई।

प्रशासन के अनुसार, मस्जिद का निर्माण सरकारी जमीन पर किया गया था और सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने इसे अवैध घोषित किया था। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस आदेश के खिलाफ मस्जिद समिति की ओर से अपील की गई थी, लेकिन वह भी खारिज हो गई। प्रशासन का कहना है कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई
Saharanpur में तड़के 5 बजे कलेक्ट्रेट परिसर की 70 साल पुरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर !
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर स्थित लगभग 70 साल पुरानी मस्जिद पर शनिवार तड़के जिला अदालत के आदेश के बाद बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन ने इस निर्माण को अवैध… pic.twitter.com/wjeBrhBP7d
— Bansal News Official September 5, 2026
मस्जिद को गिराने से पहले ही कलेक्ट्रेट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पुलिस के साथ पीएसी और आरआरएफ की कंपनियां तैनात की गईं। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस ने गश्त और फ्लैग मार्च भी किया। सहारनपुर मंडल के डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि, नोटिस और अपील समेत तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्रवाई की गई। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।
सपा सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट
मस्जिद पर कार्रवाई के बीच कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया गया। बताया गया कि वह सहारनपुर जाने के लिए निकल रही थीं, तभी पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इकरा हसन ने कहा कि वह मस्जिद मामले को लेकर अधिकारियों से मुलाकात करना चाहती थीं और स्थानीय लोगों की बात प्रशासन तक पहुंचाना चाहती थीं। उन्होंने घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए।सांसद ने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि का काम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रशासन के सामने रखना है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोककर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
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शिकायत के बाद शुरू हुआ था विवाद
मस्जिद को लेकर विवाद की शुरुआत एक शिकायत के बाद हुई थी। जानकारी के अनुसार, बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मस्जिद के निर्माण को लेकर शिकायत की थी। इसके बाद 24 मार्च 2025 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पीपी एक्ट के तहत याचिका दाखिल की गई।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने लगाया था 6.41 करोड़ का जुर्माना
मामले की सुनवाई के बाद 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद के निर्माण को अवैध घोषित किया था। आदेश में 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इसके खिलाफ मस्जिद पक्ष ने 20 जुलाई 2026 को जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की थी। प्रशासन के अनुसार, अपील खारिज होने के बाद मूल आदेश प्रभावी रहा और इसके आधार पर शनिवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। फिलहाल कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती जारी है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।
धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई को लेकर मायावती ने सरकार को घेरा
बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों पर हो रही कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद समेत प्रदेश के अन्य धार्मिक स्थलों को लेकर की जा रही कार्रवाई पर चिंता जताई और जल्दबाजी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। मायावती ने कहा कि संवैधानिक और धर्मनिरपेक्ष सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सभी धर्मों के लोगों और उनके धार्मिक स्थलों के साथ समान व्यवहार करे। उन्होंने सरकार से अपील की कि ऐसे मामलों को सुलझाने के लिए सीधे ध्वस्तीकरण के बजाय कानूनी और दूसरे व्यावहारिक रास्ते तलाशे जाएं।
अभियुक्तों के मकान गिराने पर भी जताई चिंता
मायावती ने आपराधिक मामलों में आरोपियों या अभियुक्तों के मकानों पर की जा रही कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, तो उसके लिए तय कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। किसी एक व्यक्ति के आरोप या अपराध की वजह से पूरे परिवार को बेघर करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के नाम पर परिवार के अन्य सदस्यों को सामूहिक सजा मिलने की तस्वीर लोगों को परेशान और विचलित कर रही है। मायावती ने सरकार और न्यायपालिका से ऐसे मामलों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
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