शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में ट्रेडर्स की ओर से मुनाफावसूली के कारण सोने की कीमतों में 2,000 रुपए की गिरावट आई और यह 1.47 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया. 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाली इस कीमती धातु की कीमत 2,000 रुपए घटकर 1,47,200 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई, जो लगातार दूसरे दिन की गिरावट है. स्थानीय ट्रेडर्स के अनुसार, गुरुवार को सोना 1,49,200 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. भारी बिकवाली के कारण चांदी की कीमतों में भी 5,000 रुपए की गिरावट आई और यह 2,24,700 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई. पिछले सेशन में यह धातु 2,29,700 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी.

विदेशी बाजारों में सोना और चांदी
ट्रेडर्स ने कहा कि घरेलू बाजार में खरीदारी का रुझान कमजोर रहने के कारण बुलियन की कीमतें दबाव में रहीं. हालांकि, इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड में मामूली बढ़त हुई और यह 4,063.70 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जबकि चांदी लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर 58.59 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मिरे एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि विदेशी बाजारों में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ लगभग 4,060 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, क्योंकि पांच दिनों में 12 प्रतिशत की तेजी के बाद ब्रेंट ऑयल की कीमतों में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने लगातार 14वीं रात ईरान पर हमले जारी रखे, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान पर बड़े हमले पर विचार कर रहे थे.
क्या गोल्ड की कीमतों में आएगी तेजी?
ट्रंप प्रशासन ने भारत सहित 60 देशों पर टैरिफ भी लगाए हैं. कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की AVP कायनात चेनवाला ने कहा कि चांदी 1 प्रतिशत से अधिक बढ़कर लगभग 58 डॉलर प्रति औंस हो गई, जो मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण था, न कि ब्याज दरों की उम्मीदों में किसी बड़े बदलाव के कारण. उन्होंने कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमतें स्थिर होती हैं और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी आती है, तो सोना 4,100 डॉलर प्रति औंस और चांदी 60 डॉलर प्रति औंस की ओर बढ़ सकती है.



