सुप्रीम कोर्ट मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किए गए विरोधप्रदर्शन के दौरान वकीलों की हिरासत, कोर्ट के कामकाज में रुकावट और इंटरनेट बंद करने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. ये याचिका सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और अन्य लोगों की तरफ से दायर की गई है. कोर्ट इस मामले पर कल यानी मंगलवार को सुनवाई करेगा.

SCBA के अध्यक्ष और सीनियर वकील प्रदीप राय ने कहा कि दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच वकीलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, और इस दौरान इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी जा रही हैं. SCBA ने CJI सूर्यकांत की बेंच के सामने CEC ज्ञानेश कुमार के विरोधप्रदर्शन के दौरान वकीलों की हिरासत और इंटरनेट बंद किए जाने से जुड़ी अपनी याचिका का ज़िक्र किया. प्रदीप राय ने कहा कि हमने एक याचिका दायर की है. वहीं सीनियर वकील नाडकर्णी ने कहा कि मैं एक वकील की तरफ़ से पेश हो रहा हूं, उन्होंने भी याचिका दायर की है.

‘काम में बाधा नहीं आनी चाहिए’

CJI सूर्यकांत ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण गतिविधियां सुचारू रूप से होनी चाहिए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के कामकाज या वकीलों, कोर्ट के कर्मचारियों और मुकदमों से जुड़े लोगों की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इस पर कल सुनवाई करेंगे.

‘सुप्रीम कोर्ट को इसमें नहीं घसीटा जाना चाहिए’

SCBA प्रेसिडेंट प्रदीप राय ने कहा कि पार्टियों को हमारे कामकाज में दखल नहीं देना चाहिए. वहीं CJI सूर्यकांत ने कहा कि मैंने प्रदर्शनकारियों से भी अपील की है सुप्रीम कोर्ट को इसमें नहीं घसीटा जाना चाहिए. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वकीलों, मुक़दमेबाज़ों और कोर्ट के स्टाफ़ की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए.

‘वकीलों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का अधिकार’

वहीं दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी एक और याचिका पर सुप्रीम कोर्ट कल सुनवाई करेगा. सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायणन ने भी आज विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी याचिका का ज़िक्र किया. CJI सूर्यकांत ने कहा कि वकीलों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का अधिकार है.

‘सीनियर वकीलों को सड़कों पर घसीटा जा रहा’

वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शनों के बारे में है और सार्वजनिक तौर पर धारा 163 का कोई आदेश उपलब्ध नहीं है. उन्होंने कहा कि सीनियर वकीलों को सड़कों पर घसीटा जा रहा है. यह बहुत ही अनुचित है. ऐसा नहीं होना चाहिए था. उन्होंने कहा कि पुलिस ज्यादती होने दे रही है, गुंडे बच्चों पर हमला कर रहे हैं.

‘बच्चों के सिर पर मारा और गर्व से कह रहे हमने ऐसा किया’

गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि उन्होंने बच्चों के सिर पर मारा और गर्व से कह रहे हैं कि हमने ऐसा किया है. और हमसे संयम बरतने को कहा जा रहा है, इससे मैं हैरान हूं. उन्होंने कहा कि दो और वकीलों को बसों में हिरासत में लिया गया. कभी तो बेंच बार की मदद के लिए आगे आएगी. पुलिस को लगता है कि वे कुछ भी करके बच निकलेंगे.

CJI सूर्यकांत ने कहा कि मैं अभी कुछ नहीं कहना चाहता, हम सुप्रीम कोर्ट को ऐसा नहीं बनने देंगे, लेकिन हर वकील को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का अधिकार है.CJI कहा कि कोर्ट कल इस मुद्दे पर सुनवाई करेगा.